जहां पहले केवल आंख फड़कने को शुभ या अशुभ माना जाता था, अब ज्योतिष शास्त्र शरीर के प्रत्येक अंग के फड़कने को किसी संकेत से जोड़ता है. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य डॉ. कुणाल कुमार झा के अनुसार, शरीर के 12 प्रमुख अंग 12 राशियों से जुड़े हैं, और उनका फड़कना किसी खास घटना का संकेत देता है.
सिर से चेहरे तक के फड़कने के संकेत
माथे का फड़कना भूमि लाभ का सूचक है, जो 6 महीनों में फलित हो सकता है. ललाट फड़कने से उच्च पद या परीक्षा में सफलता मिलती है. भौंहों के बीच फड़कन से सुख की प्राप्ति, आंख के नीचे फड़कने से प्रिय व्यक्ति से मुलाकात के संकेत मिलते हैं. नाक की फड़कन भी सुखद परिणामों की ओर इशारा करती है.
कंधे, हाथ और सीने का फड़कना क्या दर्शाता है?
दोनों कंधों का फड़कना भोग-विलास और स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति का संकेत माना जाता है. हाथ फड़कने से आर्थिक लाभ होता है, जबकि सीना फड़कने से मानसिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति का योग बनता है.
कमर से लेकर नाभि और कोहनी तक के संकेत
कमर का फड़कना कामसुख की प्राप्ति से जुड़ा है. नाभि का फड़कना प्रेम संबंधों में संतोष का संकेत देता है. वहीं, कोहनी फड़कने से संतान सुख—विशेषकर पुत्र प्राप्ति—का योग बनता है.
पैरों और पीठ के फड़कने के मायने
पांव का निचला हिस्सा फड़कने से साहस और वीरता में वृद्धि होती है, जबकि पिछला हिस्सा फड़कने से वाहन लाभ का योग बनता है. दोनों पांवों का एकसाथ फड़कना नुकसान की चेतावनी देता है. पीठ का फड़कना हार और पीड़ा का सूचक माना जाता है.
अन्य अंगों के फड़कने से मिलते हैं ये संकेत
होंठ फड़कने से देव कृपा की प्राप्ति होती है और गला फड़कने से धन लाभ की संभावना बनती है. वहीं, जांघों का फड़कना मानसिक डर और अस्थिरता का संकेत देता है.