Premanand maharaj story: कानपुर के साधारण ब्राह्मण परिवार में जन्मे अनिरुद्ध पांडे आज दुनिया में प्रेमानंद महाराज के नाम से प्रसिद्ध हैं। उनका जीवन आध्यात्मिक साधना, भक्ति और तप की अनूठी कहानी है। बचपन में शिव भक्ति से शुरू हुई उनकी साधना वाराणसी के घाटों से होती हुई वृंदावन में राधा-कृष्ण की अनन्य भक्ति तक पहुंची। आज करोड़ों भक्तों के गुरु बने प्रेमानंद महाराज का आश्रम वृंदावन में भक्ति का केंद्र है, जहां रोजाना हजारों लोग उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ते हैं।
कानपुर में जन्म, अनिरुद्ध से बने आनंदस्वरूप
प्रेमानंद महाराज का जन्म कानपुर देहात के सरसौल क्षेत्र के अखरी गांव में हुआ। उनका असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। पिता शंभू पांडे और मां रामा देवी के घर खेती-बाड़ी वाले इस परिवार में अनिरुद्ध का बचपन धार्मिक माहौल में बीता। कम उम्र में ही उन्होंने भागवत और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। 13 साल की उम्र में उन्होंने पहली दीक्षा लेकर ‘आर्यन ब्रह्मचारी’ नाम पाया और आगे चलकर राधा राधवल्लभी संप्रदाय में संन्यास के बाद ‘आनंदस्वरूप ब्रह्मचारी’ बने।
काशी में शिव साधना और राधा कृष्ण की ओर झुकाव
संन्यास के शुरुआती दिनों में प्रेमानंद महाराज ने वाराणसी में गंगा किनारे तपस्या की। तुलसी घाट पर पीपल के पेड़ के नीचे शिव साधना करते हुए वे चैतन्य लीला और रासलीला से भावविभोर हुए। यहीं उनके हृदय में राधा-कृष्ण भक्ति के बीज पनपे। साधु-संतों की सलाह पर उन्होंने वृंदावन का रुख किया और राधा वल्लभ संप्रदाय से जुड़े।
वृंदावन में राधा केलि कुंज आश्रम की स्थापना
वृंदावन पहुंचने के बाद प्रेमानंद महाराज ने गुरु श्रीहित गौरांगी शरण महाराज की शरण ली। उनके मार्गदर्शन में लगभग 10 वर्षों तक साधना करने के बाद उन्हें ‘प्रेमानंद गोविंद शरण’ नाम मिला। 2016 में उन्होंने श्रीहित राधा केलि कुंज ट्रस्ट की स्थापना की, जो गरीबों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काम करता है। उनका आश्रम आज लाखों भक्तों के लिए भक्ति और आध्यात्मिक साधना का प्रमुख स्थल है।
गंभीर बीमारी के बावजूद भक्ति में अडिग
करीब 35 साल की उम्र में किडनी संक्रमण के बावजूद प्रेमानंद महाराज ने भक्ति पथ नहीं छोड़ा। उन्हें नियमित डायलिसिस की जरूरत होती है, फिर भी वे रोजाना सत्संग और प्रवचन करते हैं। उन्होंने अपनी दोनों किडनियों का नाम राधा और कृष्ण रखा है।
सेलेब्रिटी भी हैं अनुयायी
प्रेमानंद महाराज के करोड़ों अनुयायियों में विराट कोहली और शिल्पा शेट्टी जैसी हस्तियां भी शामिल हैं। उनका यूट्यूब चैनल भजन मार्ग पर सत्संग के वीडियो को 1.5 करोड़ से अधिक लोग फॉलो करते हैं।