केली कुंज में दीक्षा बंद, यमुना विहार कुंज में दर्शन रोके गए, शिष्य की मौत के बाद बदली आश्रम की व्यवस्था वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े एक शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए गए हैं। केली कुंज आश्रम में फिलहाल दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके साथ ही टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं। यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन की व्यवस्था पर भी रोक लगा दी गई है। आश्रम के सेवादारों ने माइक के जरिए श्रद्धालुओं को इन बदलावों की जानकारी दी है।
दीक्षा कार्यक्रम फिलहाल बंद
आश्रम की नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव दीक्षा को लेकर किया गया है। केली कुंज में नए भक्तों को दीक्षा देने का कार्यक्रम फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसका मतलब है कि जो लोग दीक्षा लेने के लिए आश्रम आने की तैयारी कर रहे थे, उन्हें अभी इंतजार करना होगा।
आश्रम की ओर से दीक्षा दोबारा कब शुरू की जाएगी, इसकी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। सेवादारों ने भक्तों को माइक के जरिए नई व्यवस्था की जानकारी दी है।
टोकन से दर्शन की सुविधा भी बंद
दीक्षा के साथ-साथ टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी फिलहाल रोक दिए गए हैं। पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु टोकन व्यवस्था के माध्यम से दर्शन के लिए पहुंचते थे। अब यह व्यवस्था बंद होने के कारण भक्तों को पहले की तरह टोकन लेकर दर्शन की सुविधा नहीं मिल रही है। इस बदलाव का सीधा असर उन श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है, जो नियमित रूप से आश्रम की दर्शन व्यवस्था के तहत आते रहे हैं।
यमुना विहार कुंज बेलवान में भी बदलाव
व्यवस्था में बदलाव केवल केली कुंज तक सीमित नहीं है। यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन की जो व्यवस्था चल रही थी, उसे भी फिलहाल रोक दिया गया है। यानी नए भक्तों के लिए दीक्षा रुकी हुई है, टोकन दर्शन बंद हैं और दीक्षित भक्तों के लिए यमुना विहार कुंज बेलवान में होने वाले दर्शन भी फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।
शिष्य की मौत के बाद बदली व्यवस्था
इन बदलावों का समय उस घटना के बाद आया है, जिसमें प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत हो गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, वह वृंदावन में केली कुंज से जुड़े गुरु कृपा कुंज परिसर में रहते थे और चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है और शुरुआती जांच में गिरने की घटना को आत्महत्या के एंगल से भी देखा गया, हालांकि जांच अभी जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों और अंदरूनी रक्तस्राव की जानकारी सामने आई है। पुलिस मामले से जुड़े दूसरे साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट की भी जांच कर रही है।
भक्तों पर क्या पड़ेगा असर?
आश्रम की नई व्यवस्था का असर सीधे वहां आने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ा है। जो लोग दीक्षा लेने की योजना बना रहे थे, उन्हें फिलहाल इंतजार करना होगा। वहीं टोकन दर्शन बंद होने से नियमित श्रद्धालुओं को भी पहले जैसी सुविधा नहीं मिल रही है। यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन भी रोक दिए गए हैं। ऐसे में आश्रम आने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे वहां जाने से पहले वर्तमान व्यवस्था की जानकारी जरूर लें। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दीक्षा और दर्शन की ये व्यवस्थाएं दोबारा कब शुरू होंगी। आश्रम की ओर से इसकी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। इसलिए अभी भक्तों को नई व्यवस्था के अनुसार ही आश्रम जाना होगा।