Rasik Dulari Sharan CCTV Footage : वृंदावन के गुरु कृपा कुंज आश्रम में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला नए CCTV फुटेज के सामने आने के बाद फिर चर्चा में है। करीब 29 सेकंड के इस वीडियो में वह सीढ़ियों के रास्ते ऊपर की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज ने घटना से पहले की गतिविधियों को लेकर जांच के कई पहलुओं को अहम बना दिया है।
सीढ़ियों से छत की ओर जाते दिखे
सामने आए CCTV फुटेज में रसिक दुलारी शरण सीढ़ियों से ऊपर जाते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, यह वीडियो 25 सितंबर की घटना से जुड़ा है। इससे पहले भी इस मामले से जुड़े दो CCTV फुटेज सामने आने की बात कही गई थी। इनमें से एक में उन्हें छत पर आराम करते और दूसरे में उनके नीचे गिरने की घटना कैद होने की जानकारी सामने आई थी।
कमरे से मिला था ग्राइंडर
मामले की जांच के दौरान पुलिस को उनके कमरे से एक ग्राइंडर मिलने की बात सामने आई है। उनके शरीर पर चोटों की जानकारी भी सामने आई थी। निजी अंग पर चोट को लेकर भी अलग-अलग दावे किए गए हैं। हालांकि, चोट किस परिस्थिति में लगी और इसका घटना से क्या संबंध है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन पहलुओं को जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
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फुटेज से जांच को मिली नई कड़ी
नए वीडियो के बाद पुलिस के सामने घटना से पहले की गतिविधियों को क्रमवार समझने की चुनौती है। आश्रम और आसपास लगे दूसरे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीढ़ियों से छत की ओर जाने के दौरान उनके साथ कोई और व्यक्ति था या नहीं और उसके बाद क्या हुआ। पोस्टमार्टम तथा फोरेंसिक रिपोर्ट भी जांच में महत्वपूर्ण होंगी।
मौत की वजह अभी साफ नहीं
CCTV से फिलहाल इतना पता चलता है कि रसिक दुलारी शरण घटना से पहले सीढ़ियों के रास्ते छत की ओर गए थे। लेकिन उन्होंने छत का रुख क्यों किया और इसके बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। उनकी मौत की पूरी परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
अफवाहों से बचने की अपील
मामले में सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्टों के जरिए कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। आश्रम ट्रस्ट की ओर से भी अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। पुलिस फिलहाल CCTV, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी एक वजह को मौत का कारण मानना जल्दबाजी होगी।