
हनुमान भक्तों के लिए एक सुखद और प्रेरणादायक संदेश लेकर आए हैं पूज्य संत श्री प्रेमानंद महाराज। हाल ही में अपने प्रवचन के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि श्रीराम नाम का नियमित और सच्चे भाव से जाप करने से न केवल जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं, बल्कि भक्तों को हनुमानजी के दिव्य दर्शन भी संभव हो सकते हैं।
क्या कहते हैं प्रेमानंद महाराज
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में मनुष्य भटकता फिर रहा है और मानसिक रूप से अशांत है। ऐसे समय में अगर कोई सच्चा सहारा है, तो वह है भगवान का नाम – विशेष रूप से "राम नाम"। राम नाम वह मंत्र है जो स्वयं हनुमानजी का भी सबसे प्रिय है। हनुमानजी को ‘रामकाज में रत’ बताया गया है, इसलिए राम नाम का जाप उन्हें तुरंत आकर्षित करता है।
108 बार "श्रीराम" का जाप
महाराज ने इस उपाय को सरल और सहज बताते हुए कहा कि सुबह ब्रह्ममुहूर्त में स्नान के बाद शांत मन से कम से कम 108 बार "श्रीराम" का जाप करें। साथ ही, अगर संभव हो तो हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ भी करें। इस साधना को यदि श्रद्धा, भक्ति और नियमितता से किया जाए तो हनुमानजी की कृपा निश्चित ही प्राप्त होगी। उन्होंने आगे यह भी बताया कि कई साधक और भक्तों ने उनके बताए इस मार्ग को अपनाकर अपने जीवन में आश्चर्यजनक बदलाव महसूस किए हैं। किसी ने रोगों से मुक्ति पाई, तो किसी को मानसिक शांति और दिव्य अनुभव प्राप्त हुए। कुछ लोगों ने तो स्वप्न में हनुमानजी के दर्शन की अनुभूति भी की।
चमत्कारी उपाय
प्रेमानंद महाराज ने यह स्पष्ट किया कि यह उपाय कोई चमत्कारी टोना-टोटका नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और नियमित साधना का फल है। यदि मन से भगवान का स्मरण किया जाए तो वह अवश्य सुनते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। हनुमान भक्तों के लिए यह संदेश एक नई रोशनी की तरह है। जो भी व्यक्ति सच्चे मन से प्रभु श्रीराम का नाम जपेगा, हनुमानजी स्वयं उसकी रक्षा करेंगे और उसे जीवन में सही मार्गदर्शन देंगे..