
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के साथ ही क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में वन्य जीवों की उल्लेखनीय उपस्थिति को देखते हुए एक समर्पित वन्य जीव संरक्षण केंद्र की स्थापना की योजना बनाई गई है, जिसे फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
पर्यावरण विभाग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में 258 काले हिरण और 176 सारस पाए गए हैं। ये दोनों प्रजातियाँ पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। काले हिरण भारत में संरक्षित वन्य जीवों की श्रेणी में आते हैं, जबकि सारस को देश का सबसे बड़ा उड़ने वाला पक्षी माना जाता है, जो wetlands और खुले मैदानों में पाया जाता है।
निगरानी तंत्र की व्यवस्था की जाएगी
प्राधिकरण और वन विभाग की संयुक्त योजना के तहत इस संरक्षण केंद्र में वन्य जीवों के लिए सुरक्षित आवास, जल स्रोत, प्राकृतिक वनस्पति और निगरानी तंत्र की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, केंद्र में एक पर्यावरण शिक्षा केंद्र भी प्रस्तावित है, जहाँ स्थानीय नागरिकों और छात्रों को जैव विविधता और संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा शहर
इस परियोजना के तहत भूमि चिन्हांकन का कार्य प्रारंभ हो चुका है और विशेषज्ञों की एक टीम ने संभावित स्थानों का निरीक्षण भी किया है। केंद्र की स्थापना से न केवल वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह क्षेत्र पर्यावरणीय पर्यटन के लिए भी एक नया आकर्षण बन सकता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में यह पहल एक संतुलित विकास मॉडल की मिसाल पेश करती है, जहाँ बुनियादी ढांचे के साथ-साथ प्रकृति का संरक्षण भी प्राथमिकता में है।