VB-G RAM G: केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G विधेयक 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की स्वीकृति मिल गई है। रविवार को राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही यह विधेयक औपचारिक रूप से कानून बन गया। इससे पहले यह प्रस्ताव संसद के लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से पारित हो चुका था। सरकार इसे ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार मान रही है।
125 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी
नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को अब प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का वैधानिक मजदूरी रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। पहले यह सीमा 100 दिन की थी। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए रोजगार दिवस से ग्रामीण इलाकों में आय के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। इस कानून को 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन कम करने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
मनरेगा की जगह लेगा नया कानून
VB-G RAM G कानून लगभग 20 वर्ष पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगा। सरकार के अनुसार, समय के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जरूरतों में बदलाव आया है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह नया ढांचा तैयार किया गया है। नए मिशन में रोजगार के साथ-साथ आजीविका, कौशल और टिकाऊ विकास पर भी जोर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को केवल अस्थायी काम ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक आर्थिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह कानून “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।