लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को प्रदेश समिति की बैठक के बाद प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर अनुसूचित जाति के हितों और आरक्षण को लेकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश के 72 जिलों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 151 से अधिक प्रतिमाएं तोड़ी गई हैं। उनके मुताबिक हर साल औसतन 15 प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त की गईं।
अखिलेश ने कहा कि इन घटनाओं में 45 मामलों में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई, जबकि आठ में नामजद शिकायत हुई। 84 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई और केवल 14 मामलों में गिरफ्तारी की गई। उन्होंने बलिया में सबसे ज्यादा प्रतिमाएं तोड़े जाने का भी दावा किया।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा आरक्षण के पक्ष में नहीं है। लेटरल इंट्री और आउटसोर्सिंग इसके उदाहरण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीए वर्ग के अधिकारियों की तैनाती और चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता। अखिलेश ने कहा कि आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।