परतापुर थाना क्षेत्र के रिझानी गांव निवासी भाजपा नेता एवं स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पर नौकरी दिलाने के नाम पर महिला से दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर गाजियाबाद के कोतवाली थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
महिला से उसका फोटो व बायोडाटा मंगवा लिया
पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि वह काफी समय से नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसने अखबार में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुनील शर्मा से फोन पर संपर्क किया। आरोप है कि आरोपी ने खुद को व्यस्त बताते हुए शाम को दोबारा संपर्क करने की बात कही और महिला से उसका फोटो व बायोडाटा मंगवा लिया। महिला का आरोप है कि अगले दिन किसी कारण वश वह स्कूल नहीं पहुंच सकी। इसके बाद आरोपी ने खुद महिला से संपर्क किया और मिलने के बहाने गाजियाबाद पहुंच गया। वहां उसने महिला को स्कूल में स्थायी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और स्कूल के बच्चों के टूर के साथ मनाली चलने के लिए तैयार कर लिया।
चाय में नशीला पदार्थ मिला दिया
पीड़िता के अनुसार, मनाली यात्रा के दौरान रात में आरोपी प्रधानाचार्य उसके कमरे में चाय की केतली लेकर पहुंचा। उसने ठंड का हवाला देते हुए चाय पीते हुए बातचीत करने की बात कही। आरोप है कि आरोपी ने चाय में नशीला पदार्थ मिला दिया, जिसे पीने के बाद वह बेहोश हो गई। इसी दौरान आरोपी और उसके साथ मौजूद दो अन्य शिक्षकों ने महिला की अश्लील फोटो और वीडियो बना लीं। महिला ने आरोप लगाया कि होश आने के बाद वह किसी तरह अपने घर लौट आई।
ब्लैकमेल कर कई बार दुष्कर्म किया
अगले दिन आरोपी ने उसे गाजियाबाद स्थित रिलायंस मॉल में बुलाया और उसकी अश्लील फोटो व वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। महिला ने विरोध करते हुए वीडियो डिलीट करने की बात कही तो आरोपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आरोप है कि इसके बाद आरोपी महिला को मोदीनगर क्षेत्र के विभिन्न होटलों में ले गया और ब्लैकमेल कर कई बार दुष्कर्म किया। लगातार मानसिक उत्पीड़न और धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने गाजियाबाद के कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपी सुनील शर्मा के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में प्रधानाचार्य का पक्ष जानने के लिए कई बार उनका मोबाइल मिलाया तो वह बंद मिला।