Census 2027: जनगणना-2027 इस बार कई बड़े बदलावों के साथ हो रही है। सबसे अहम बदलाव “परिवार” की नई परिभाषा को लेकर किया गया है। अब सिर्फ खून के रिश्ते ही नहीं, बल्कि एक साथ रहकर भोजन और दैनिक जरूरतें साझा करने वाले लोग भी एक परिवार माने जाएंगे। इसी नई व्यवस्था के तहत जेलों में बंद कैदियों की गणना “जेल परिवार” के रूप में की जाएगी।
माना जाएगा परिवार का सदस्य
नई गाइडलाइन के मुताबिक यदि कोई घरेलू सहायक, नौकर या अन्य व्यक्ति लंबे समय से किसी परिवार के साथ रह रहा है और वहीं भोजन करता है, तो उसे भी उसी परिवार का सदस्य माना जा सकता है। जनगणना अधिकारियों का कहना है कि इससे वास्तविक सामाजिक और आवासीय संरचना का ज्यादा सटीक डेटा मिल सकेगा।
जनगणना पूरी तरह डिजिटल मॉडल पर आधारित
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल मॉडल पर आधारित है। नागरिक स्वयं भी ऑनलाइन “सेल्फ एन्यूमरेशन” के जरिए अपनी जानकारी दर्ज करा रहें हैं। इसके लिए विशेष पोर्टल और मोबाइल आधारित व्यवस्था तैयार की जा रही है। सरकार का दावा है कि इससे डेटा संग्रहण तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक होगा।
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना दो चरणों में हो रही है। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवासीय सुविधाओं का विवरण लिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में परिवार, जाति, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक स्थिति से जुड़े आंकड़े जुटाए जाएंगे। इस बार करीब 31 से 33 सवाल पूछे जाने की तैयारी है।
लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का सरकार का लक्ष्य
विशेषज्ञों के अनुसार नई डिजिटल व्यवस्था से सरकार को योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने, प्रवासी आबादी की पहचान करने और सामाजिक-आर्थिक नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। जेलों, छात्रावासों, आश्रमों और वृद्धाश्रमों जैसे सामूहिक आवासों की अलग श्रेणी बनाना भी इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है।