कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने आगामी चुनावों को देखते हुए कम मार्जिन से हारी गई सीटों पर फोकस करने का बड़ा प्लान बनाया है। इसके लिए वह जल्द ही ‘हर बूथ मजबूत अभियान’ शुरू करने जा रही हैं। इस कैंपेन के तहत ऐसी सीटों पर विशेष रणनीति बनाई जाएगी, जहां पिछली बार कांग्रेस बहुत कम अंतर से हारी थी। मतदान केंद्रों पर बूथ रक्षक नियुक्त किए जाएंगे, जो वोटर लिस्ट से लेकर मतदान पैटर्न तक हर छोटी जानकारी इकट्ठा करेंगे।
‘प्रोजेक्ट टॉप 5’ में एमपी की दिमनी सीट शामिल
प्रियंका गांधी ने देशभर की पांच विधानसभा सीटों को इस खास प्रोजेक्ट के लिए चुना है। इनमें मध्य प्रदेश की दिमनी सीट को भी शामिल किया गया है। यह सीट मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के प्रभाव वाले क्षेत्र में आती है। कांग्रेस ने इस सीट की जिम्मेदारी गोपाराम मेघवाल को सौंपी है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की कांकेर, उत्तर प्रदेश की बांसगांव, राजस्थान की विराटनगर और हरियाणा की अलवर सीट को भी इस लिस्ट में रखा गया है। इन सीटों पर हार का अंतर बेहद कम रहा था।
बूथ रक्षक करेंगे हर गड़बड़ी की जांच
अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10-10 बूथों का एक क्लस्टर बनाया जाएगा। हर क्लस्टर पर एक बूथ रक्षक तैनात होगा। इनका काम होगा मतदाता सूची में गड़बड़ी, गलत नाम जुड़ने और मतदान केंद्र की खामियों का पता लगाना। प्रियंका गांधी की टीम इन बूथ रक्षकों को ट्रेनिंग देगी ताकि वे बूथ समितियों के सदस्यों को सही दिशा दे सकें। ये बूथ रक्षक 25 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट जिम्मेदार पदाधिकारी को सौंपेंगे।
मतदाता सूची का होगा गहराई से वेरिफिकेशन
कांग्रेस इस अभियान के जरिए न केवल वोटर लिस्ट की खामियों को दूर करेगी बल्कि बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क भी तैयार करेगी। पार्टी का मानना है कि सही वोटर लिस्ट और बूथ पर सटीक मैनेजमेंट से चुनावी नतीजों में बड़ा फर्क आ सकता है।