
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने सरकार से पहलगाम आतंकी हमले और सीजफायर को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा कि देश खोखले भाषण से नहीं, जवाब चाहता है। प्रियंका गांधी ने कहा, कल रक्षा मंत्री एक घंटे तक बोले, इस दौरान उन्होंने आतंकवाद, देश की रक्षा और इतिहास का पाठ भी पढ़ाया। मगर बात छूट गई-यह हमला कैस हुआ? वहां एक भी सुरक्षकर्मी मौजूद नहीं था। क्या नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है?"
सीजफायर का ऐलान क्याे हुआ?
प्रियंका गांधी ने सरकार से पूछा, "केंद्रीय गृह मंत्री ने आज पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यों के बारे में बात की। उन्होंने मेरी मां के आंसुओं के बारे में बात की। लेकिन उन्होंने कभी यह जानकारी नहीं दी कि सीजफायर की घोषणा क्यों की गई।"
क्योंकि मैं उनका दर्द समझती हूं: प्रियंका
प्रियंका गांधी ने कहा,"केंद्रीय गृह मंत्री ने आज मेरी मां के आंसुओं के बारे में बात की। मैं इसका जवाब देना चाहती हूं। मेरी मां के आंसू तब बहे थे जब आतंकवादियों ने मेरे पिता को मार डाला था। आज, जब मैं उन 26 लोगों (पहलगाम हमले के पीड़ितों) के बात करती हूं, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं उनका दर्द समझती हूं।"
उन्होंने कहा, "यह सरकार हमेशा सवालों से बचने का प्रयास करता है। इनमें देश के नागरिकों के प्रति किसी तरह की जवाबदेही का भाव नहीं है। सच तो यह है कि इनके दिल में जनता के लिए कोई जगह नहीं है। इनके लिए सब कुछ राजनीति है, प्रचार है।"
उन्होंने कहा, "आज इस सदन में बैठे अधिकतर लोगों के पास सुरक्षा कवच है। इस दिन पहलगाम में 26 लोगों को उनके परिवारों के सामने मार दिया गया। बैसरन घाटी में जितने लोग मौजूद थे, उनके पास किसी तरह की सुरक्षा नहीं थी। आप चाहे कितने भी ऑपरेशन चलाएं, सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती है।"
सभी जवानों को नमन: प्रियंका
उन्होंने कहा, "मैं उन सभी जवानों को नमन करती हूं, जो हमारे देश के रेगिस्तानों में, घने जंगलों में, बर्फीली पहाड़ियों में... हमारे देश की रक्षा करते हैं। जो हर पल देश के लिए अपनी जान देने के लिए तैयार हैं। 1948 से लेकर अब तक-जब पाकिस्तान की ओर से कश्मीर पर हमला किया गया, हमारे देश की अखंडता की रक्षा करने में हमारे जवानों का बड़ा योगदान रहा है।"