
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को फिलिस्तीन को लेकर भारत की विदेश नीति पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन की ओर से फिलिस्तीन को स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के निर्णय की की सराहना की। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 1988 में भारत उन पहले देशों में शामिल था, जिन्होंने फिलिस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी। उस वक्त वास्तव में, फिलिस्तीनी लोगों के वीरतापूर्ण संघर्ष के दौरान, हमने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सही के लिए खड़े होकर और मानवता व न्याय के मूल्यों को कायम रखकर दुनिया को राह दिखाई।
नैतिक शुद्धता से रहित रही है
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन का हवाला देते हुए कहा कि इन देशों ने 37 साल की देरी से ही सही, फिलिस्तीन को मान्यता दे दी। उन्होंने लिखा, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन ने भी 37 साल की देरी से ही सही, यही रास्ता अपनाया लिया है। प्रियंका ने केंद्र सरकार की मौजूदा नीति को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, पिछले 20 महीनों में फिलिस्तीन के प्रति हमारी नीति शर्मनाक और नैतिक शुद्धता से रहित रही है।
रणनीतिक और रक्षा संबंधों को मजबूत किया
कांग्रेस सांसद का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज है। भारत ने हाल के वर्षों में इजरायल के साथ रणनीतिक और रक्षा संबंधों को मजबूत किया है। इसे विपक्ष बार-बार फिलिस्तीन के प्रति उदासीनता के रूप में दिखाता है। आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन ने रविवार को एक ऐतिहासिक और समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयास के तहत फिलिस्तीन को स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी है।