Mahindra SUV Production: अगर आप महिंद्रा की लोकप्रिय एसयूवी जैसे थार, स्कोर्पियो या बोलेरो खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको इंतजार करना पड़ सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जून महीने में महिंद्रा एंड महिंद्रा की एसयूवी का प्रोडक्शन 15% तक गिर सकता है। क्योंकि कंपनी को पार्ट्स सप्लाई करने वाले कुछ प्रमुख सप्लायर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की भारी कमी से जूझ रहे हैं।
20 से 25% तक की बड़ी गिरावट आई
आपको बता दें कि कंपनी के एक मुख्य सप्लायर की तरफ से तो सप्लाई में 20 से 25% तक की बड़ी गिरावट आई है। इसका सीधा असर महिंद्रा की फैक्ट्रियों के कामकाज पर पड़ रहा है। बता दें कि महिंद्रा हर महीने करीब 57,000 पेट्रोल और डीजल गाड़ियां बनाने की क्षमता रखती है।
मैन्युफैक्चरिंग हब में लेबर की भारी कमी
एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग हब में इस समय लेबर की भारी कमी है। इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में न्यूनतम वेतन बढ़ गया है। इस वजह से मजदूर अपने घर के पास ही काम करना पसंद कर रहे हैं। इतना ही नहीं वेलफेयर स्कीम्स और ई-रिक्शा जैसे बढ़ते स्वरोजगार के मौकों ने पारंपरिक इंडस्ट्रियल हब की ओर होने वाले पलायन को और कम कर दिया है।
बेहतर आर्थिक अवसर मिल रहा
पुणे की कंपनी EKA मोबिलिटी के फाउंडर और चेयरमैन सुधीर मेहता ने कहा कि पुणे और औरंगाबाद के आस-पास ऑटोमोटिव क्लस्टर में लेबर की उपलब्धता में डिमांड और सप्लाई का साफ अंतर दिख रहा है। कुछ मजदूर फसल की कटाई के लिए गांवों में रुके हैं, तो कुछ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के समय घर गए थे और अब तक वापस नहीं लौटे हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में अब आर्थिक अवसर बेहतर हो रहे हैं, जिससे मजदूरों का पश्चिमी भारत के इंडस्ट्रियल हब्स की तरफ पलायन कम हो गया है।
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कई सेक्टर्स में आई समस्या
लेबर की यह कमी सिर्फ ऑटोमोबाइल सेक्टर तक सीमित नहीं है। हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कंस्ट्रक्शन, टेक्सटाइल, स्टील, आईटी और जेम्स एंड ज्वैलरी जैसे कई सेक्टर्स के दिग्गजों के साथ बैठक की। इस बैठक में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि शहरों में प्रवासी मजदूरों के न लौटने से कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर भी बुरा असर पड़ा है और सस्ते घरों की डिमांड भी कम हो गई है।
महिंद्रा की बढ़ी मांग
महिंद्रा के लिए ये मुश्किल भरा दौर ऐसे समय पर आया है जब उसकी एसयूवी की बाजार में जबरदस्त मांग है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी की एसयूवी सेल 19% बढ़कर 6.6 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गई थी। इस साल भी अप्रैल में 8% और मई में 11% की ग्रोथ देखी गई है।