Protein Fiber Diet : आजकल फिटनेस और वजन कम करने की बात होती है तो सबसे पहले प्रोटीन का नाम लिया जाता है। जिम जाने वाले लोग प्रोटीन बढ़ाने पर खास ध्यान देते हैं, लेकिन इसी बीच फाइबर को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। जबकि शरीर को ठीक तरह से काम करने के लिए फाइबर भी उतना ही जरूरी है। यह पाचन को बेहतर रखने, पेट को लंबे समय तक भरा महसूस कराने और रोजाना की खान-पान की आदत को संतुलित रखने में मदद करता है।
फाइबर आखिर शरीर के लिए क्यों जरूरी है?
फाइबर पौधों से मिलने वाला ऐसा पोषक तत्व है जिसे शरीर पूरी तरह पचा नहीं पाता। यह फल, सब्जियों, दालों, साबुत अनाज, बीन्स, मेवे और बीजों में पाया जाता है। फाइबर खाने से भोजन पचने की प्रक्रिया बेहतर रहती है और पेट साफ रखने में मदद मिलती है। यही कारण है कि रोज की थाली में फाइबर वाली चीजों को शामिल करना जरूरी माना जाता है।
रोज कितना फाइबर लेना चाहिए?
एक स्वस्थ वयस्क को आम तौर पर रोज करीब 25 से 30 ग्राम फाइबर लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि उम्र, लिंग और रोज की कैलोरी जरूरत के हिसाब से इसकी मात्रा अलग हो सकती है। फाइबर की मात्रा अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर होता है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।
किन चीजों से आसानी से मिलेगा फाइबर?
फाइबर के लिए महंगे खाद्य पदार्थ खरीदने की जरूरत नहीं है। सेब, अमरूद, नाशपाती जैसे फल, गाजर, मटर, पालक और दूसरी सब्जियां अच्छे विकल्प हैं। इसके अलावा दाल, चना, राजमा, ओट्स, दलिया, साबुत गेहूं, अलसी और चिया बीज भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। कोशिश करें कि फल और सब्जियां ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक रूप में खाएं।
प्रोटीन और फाइबर दोनों का संतुलन जरूरी
अगर आपका लक्ष्य फिट रहना या वजन को नियंत्रित रखना है तो केवल प्रोटीन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। शरीर को अलग-अलग पोषक तत्वों की जरूरत होती है। दाल, चना और बीन्स जैसी चीजें खास तौर पर उपयोगी हो सकती हैं क्योंकि इनमें प्रोटीन और फाइबर दोनों मिलते हैं। इससे भोजन ज्यादा संतुलित बनाया जा सकता है।
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फाइबर बढ़ाने का आसान तरीका
अपनी डाइट में छोटे बदलाव करके फाइबर बढ़ाया जा सकता है। सफेद ब्रेड की जगह साबुत अनाज वाली ब्रेड, मैदे की जगह साबुत अनाज और मीठे नाश्ते की जगह फल या मेवे लिए जा सकते हैं। खाने में रोज सब्जी और दाल शामिल करना भी आसान तरीका है। हालांकि किसी खास बीमारी या पाचन संबंधी समस्या में डाइट बदलने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।