CJP protest in Delhi: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को वापस लेने की मांग को लेकर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लुका-छिपी का माहौल देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारी हिरासत से बचने के लिए सार्वजनिक शौचालय और गुरुद्वारे में रुके रहे। राजधानी में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। इसी बीच, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी के निधन के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें अंतिम संस्कार के लिए महाराष्ट्र स्थित उनके गृह नगर जाने में मदद की पेशकश की।
कनॉट प्लेस के शौचालय में रातभर रुके युवा
कनॉट प्लेस में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के एक सार्वजनिक शौचालय में 20 से अधिक युवा प्रदर्शनकारी रातभर रुके रहे। बताया गया कि वे सुबह जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की योजना बना रहे थे। हालांकि, सुबह पुलिस की जांच के दौरान उन्हें अंदर पाया गया और हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने शौचालय में प्रवेश के लिए दरवाजा जबरन खोला था। हिरासत में लिए जाने के बाद भी कुछ प्रदर्शनकारी नारे लगाते रहे।
बंगला साहिब गुरुद्वारे में भी ली शरण
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में भी रात बिताई। वे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर निकलते और पुलिस की मौजूदगी पर वापस परिसर में चले जाते थे। गुरुद्वारे के बाहर कुछ लोगों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘जय भीम’ के नारे लगाए। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
वामपंथी संगठनों और नेताओं पर भी कार्रवाई
बाबा खड़क सिंह मार्ग से अशोक रोड की ओर मार्च कर रहे युवा संगठनों और छात्र समूहों को रोकने के लिए पुलिस पहुंची। कुछ प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे के परिसर में चले गए और बाद में फिर मार्च में शामिल होने की कोशिश करने लगे। वहीं, केरल हाउस में ठहरे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के कई नेता भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर निकले, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इनमें अलग-अलग राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल बताए गए।
राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
CJP और अन्य वामपंथी संगठनों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में 30 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए जाने की जानकारी दी गई। रिपोर्ट में जंतर-मंतर के आसपास 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और 30 सड़क मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए जाने का भी उल्लेख है। रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों, होटलों और संवेदनशील इलाकों में पहचान पत्रों की जांच तथा वाहनों की तलाशी ली गई।