Jamia Student Union Elections; दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में करीब दो दशक बाद छात्रसंघ चुनाव फिर से बहाल होने जा रहा है। लंबे समय से चल रहे छात्र प्रदर्शन और हंगामें के बाद 25 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आखिरकार छात्रसंघ चुनाव कराने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
अभी तारीख स्पष्ट नहीं
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्रसंघ के चुनाव इसके संविधान को मंजूरी मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर कराए जाएंगे। हालांकि संविधान को मंजूरी मिलने की कोई तय तारीख अभी सामने नहीं आई है, इसलिए चुनाव की सटीक तारीख को लेकर स्थिति इसके पास होने के बाद ही साफ होगी।
2006 में छात्रसंघ को भंग कर दिया था
बता दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में साल 2006 में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रसंघ को भंग कर दिया था। इसके बाद से ही छात्र लगातार निर्वाचित छात्रसंघ की बहाली की मांग कर रहे थे। छात्रों का तर्क था कि छात्रसंघ होने से वे अपनी समस्याओं और मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रख सकते हैं।
गेट नंबर 7 के बाहर जमकर किया विरोध प्रदर्शन
आपको बता दें कि हाल के दिनों में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर कैंपस में लगातार प्रदर्शन चल रहे थे। छात्रों ने इसके लिए धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल भी की। प्रदर्शन के माहौल के बीच 24 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सभी कोर्स की ऑफलाइन क्लासेज को अगले आदेश तक ऑनलाइन करने का निर्देश दिया था। इस फैसले के विरोध में 25 अक्टूबर को छात्र बड़ी संख्या में कैंपस के गेट नंबर 7 के बाहर जमा हुए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। वह अपने साथ प्रशासन का एक नोटिस लेकर आए और छात्रों को सौंपा. रजिस्ट्रार ने दावा किया कि छात्रों की मांगें पूरी कर दी गई हैं और उनसे प्रदर्शन खत्म करने की अपील की।
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छात्रों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन के नोटिस को खारिज कर दिया. छात्रों का कहना है कि इसमें छात्रसंघ की बहाली को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। नोटिस में न तो छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी देने की कोई निश्चित समयसीमा बताई गई है और न ही चुनाव कराने की तारीख स्पष्ट की गई है। फिलहाल, छात्रों ने प्रशासन के नोटिस को अपर्याप्त बताते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है।