भारत ने शुक्रवार को फ्रांस, इटली और बेल्जियम में अपने नागरिकों को सतर्क रहने और विरोध प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी। भारत ने कहा कि इन देशों में स्थित उसके दूतावास घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और भारतीय समुदाय के साथ नियमित संपर्क में हैं। नई दिल्ली में द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सलाहों का पालन करने का भी आग्रह किया।
उचित सावधानी बरतने की सलाह दी
रणधीर जायसवाल ने कहा कि फ्रांस, इटली और बेल्जियम में हमारे दूतावास हैं। वे वहां के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। वे समुदाय के सदस्यों के साथ नियमित संपर्क में हैं। इन देशों में जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहां के भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और बाहर निकलते समय उचित सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही उन क्षेत्रों से दूर रहने की भी सलाह दी जाती है, जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्हें सरकार द्वारा जारी स्थानीय सलाहों का भी पालन करना चाहिए।
नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
उन्होंने आगे कहा कि फ्रांस और इटली में स्थित हमारे दूतावासों ने भी अपने नागरिकों के लिए सलाह जारी की है और उन्हें इन सलाहों का पालन करना होगा। हमारी ओर से, हम विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यूरोपीय देश की यात्रा करने वालों से सतर्क
बुधवार को, फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने यात्रा और सुरक्षा संबंधी सलाह जारी करते हुए अपने नागरिकों और पश्चिमी यूरोपीय देश की यात्रा करने वालों से सतर्क रहने का आग्रह किया, क्योंकि बढ़ती महंगाई के विरोध में हुए प्रदर्शन हिंसक झड़पों में तब्दील हो गए थे।
स्कूलों की खराब स्थिति
ये झड़पें सितंबर के अंत में स्कूलों की खराब स्थिति और शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू हुईं। यह आंदोलन तेजी से पूरे देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया, जो बढ़ती महंगाई, ईंधन की ऊंची कीमतों, सार्वजनिक क्षेत्र के बजट में कटौती और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के प्रशासन की आलोचना से प्रेरित थे।