Jammu and Kashmir: ईरान से जुड़ी हालिया घटनाओं के विरोध में जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए। श्रीनगर में महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को लेकर कड़े संदेश दिए गए और केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए।
ट्रंप-नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जलाए। इस मौके पर मुफ्ती ने कहा कि जो लोग शांति के पक्ष में खड़े हैं, वह उनके साथ हैं और जिनसे असहमति है, उनका विरोध जारी रखेंगी। प्रदर्शन में पार्टी समर्थकों ने ईरान के सर्वोच्च नेता के समर्थन में भी नारे लगाए।
FIR पर सवाल
मुफ्ती ने सांसद आगा रुहुल्लाह और नेता जुनैद अज़ीम मट्टू के खिलाफ दर्ज एफआईआर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना अपराध नहीं माना जाना चाहिए। साथ ही मीडिया संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी उन्होंने अनुचित बताया।
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मीरवाइज की प्रतिक्रिया
कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों, जिनमें महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं, को रिहा किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है।
एकजुटता और रिहाई की मांग
मीरवाइज ने कहा कि कश्मीर घाटी से लेकर पीर पंजाल और जम्मू क्षेत्र तक लोगों ने एकजुटता दिखाई है। उन्होंने इसे समाज की नैतिक चेतना का प्रतीक बताया। साथ ही प्रशासन से अपील की कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा किया जाए और विरोध प्रदर्शनों पर सख्ती की नीति की समीक्षा की जाए।