पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में क्वेटा ग्लेडिएटर्स की टीम एक अजीब विवाद में फंस गई है। टीम ने 16 अप्रैल को न्यूजीलैंड के बल्लेबाज बेवन जैकब्स की जगह श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल को रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया था। जैकब्स को न्यूजीलैंड की टीम में चुने जाने के बाद यह फैसला लिया गया था। लेकिन इसके अगले ही दिन मैच में जो हुआ, उसने सभी को चौंका दिया और नियमों पर सवाल खड़े कर दिए।
एक साथ मैदान में उतरे दोनों खिलाड़ी
17 अप्रैल को लाहौर के खिलाफ मुकाबले में क्वेटा की प्लेइंग इलेवन में बेवन जैकब्स और दिनेश चांदीमल दोनों के नाम शामिल थे। यह देखकर फैंस हैरान रह गए क्योंकि नियमों के अनुसार रिप्लेसमेंट खिलाड़ी आने के बाद पहले खिलाड़ी को टीम से बाहर माना जाता है। ऐसे में दोनों का एक साथ खेलना समझ से परे था। इस घटना ने सोशल मीडिया पर तुरंत बहस छेड़ दी और लोगों ने लीग के नियमों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
कप्तान के बयान से और बढ़ा सवाल
मैच के दौरान कप्तान सऊद शकील ने टॉस के समय साफ किया कि टीम का एक अन्य खिलाड़ी टॉम करन भी स्क्वॉड का हिस्सा है और वह टीम के साथ मौजूद है। इससे यह कयास भी गलत साबित हो गया कि शायद चांदीमल किसी और खिलाड़ी की जगह आए हों। अब सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि जब जैकब्स को रिप्लेस किया जा चुका था, तो फिर वह मैदान पर कैसे उतरे। इस पूरे मामले पर अभी तक बोर्ड या टीम प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
इस घटना के बाद फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इसे नियमों की अनदेखी बताया, तो कुछ ने इसे लीग प्रबंधन की बड़ी चूक कहा। बोर्ड की चुप्पी ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फैंस अब इस मामले में स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।
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मैच में क्वेटा की जीत
विवाद के बीच खेले गए इस मुकाबले में क्वेटा ग्लेडिएटर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। लाहौर की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 134 रन पर सिमट गई। इसके जवाब में क्वेटा ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और 6 विकेट से मुकाबला जीत लिया। इस मैच में उस्मान तारिक ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
अब जवाब का इंतजार
कुल मिलाकर यह मामला लीग के नियमों और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बोर्ड इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है। अगर समय रहते स्थिति साफ नहीं हुई, तो यह विवाद और गहराता जा सकता है और लीग की साख पर भी असर पड़ सकता है।