बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान सुपर लीग में खिलाड़ियों के जाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। पहले जहां खिलाड़ियों को एनओसी मिल चुका था, वहीं अब बदले हालात में बोर्ड ने नया रुख अपनाया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए बोर्ड ने साफ कहा है कि बिना सरकार की मंजूरी कोई खिलाड़ी पाकिस्तान नहीं जाएगा।
सरकार की मंजूरी अब बनी शर्त
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं, इसलिए सरकार की भूमिका अहम हो गई है। आमतौर पर ऐसी अनुमति की जरूरत नहीं होती, लेकिन इस बार सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। अब सरकार से स्थिति की समीक्षा कराई जाएगी और उसी के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इन खिलाड़ियों पर टिकी सबकी नजर
पीएसएल के इस सीजन के लिए बांग्लादेश के 6 खिलाड़ियों को अलग-अलग टीमों ने चुना है। इनमें मुस्तफिजुर रहमान और परवेज हुसैन एमोन एक टीम में हैं, जबकि बाकी चार खिलाड़ी दूसरी फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े हैं। अब इन खिलाड़ियों का भविष्य सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।
सीरीज और रैंकिंग का बड़ा गणित
इसी बीच बांग्लादेश को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज भी खेलनी है। यह सीरीज टीम के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग पर असर पड़ेगा। अगर टीम अच्छा प्रदर्शन करती है, तो वह अगले बड़े टूर्नामेंट के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर सकती है।
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तैयारी पर पड़ सकता है असर
अगर खिलाड़ियों को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिलती है, तो वे घरेलू सीरीज से पहले होने वाले ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। इससे टीम की तैयारी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बोर्ड को संतुलन बनाना होगा कि खिलाड़ियों को अनुभव भी मिले और टीम की तैयारी भी कमजोर न पड़े।
अनुभव बनाम सुरक्षा की चुनौती
बोर्ड का मानना है कि विदेशी लीग में खेलने से खिलाड़ियों को अनुभव मिलता है, लेकिन इस बार सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अब सबकी नजर सरकार के फैसले पर है, जो तय करेगा कि खिलाड़ी पीएसएल खेलेंगे या देश के साथ ही रहेंगे।