उत्तर प्रदेश के आगरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो सगी बहनें एक धर्मांतरण गिरोह के जाल में फंस गईं. पुलिस और प्रशासन की मदद से दोनों को गिरोह के चंगुल से सुरक्षित निकाला गया है और अब उनकी काउंसलिंग की जा रही है. काउंसलिंग के दौरान जो बातें सामने आईं, वो हैरान करने वाली हैं. छोटी बहन जिसका नाम अब जोया है वो काफी कट्टर सोच रखने लगी थी. उसने खुद कहा कि वह मुजाहिदा यानी धर्म के लिए लड़ने वाली बनना चाहती है.
कैसे बन गई जोया?
जोया 10वीं कक्षा में पढ़ती थी और बालूगंज के एक इंग्लिश स्कूल की छात्रा थी. लॉकडाउन के समय स्कूल बंद हो गए और पढ़ाई ऑनलाइन शुरू हुई. इसी दौरान वह पबजी जैसे मोबाइल गेम की आदी हो गई. गेम की दुनिया में रहने की वजह से वह हिंसात्मक सोच की ओर आकर्षित होने लगी.
बड़ी बहन ने किया ब्रेन वॉश
इस दौरान उसकी बड़ी बहन पहले ही एक धर्मांतरण गिरोह के संपर्क में आ चुकी थी. धीरे-धीरे उसने भी छोटी बहन को अपनी बातों और सोच से प्रभावित करना शुरू कर दिया. गेम के जरिए बातचीत और समय बिताने के दौरान बड़ी बहन ने छोटी को गिरोह से जोड़ा.
छोटी बहन ने गेम की तरह असल ज़िंदगी में भी हथियार उठाने और लड़ाई करने की इच्छा जताई. जब बड़ी बहन ने ये बात गिरोह के सदस्यों को बताई तो उन्होंने कहा कि जब तक छोटी बहन बालिग नहीं हो जाती, तब तक इंतजार करना होगा.
बड़ी बहन ने यह भी बताया कि उसने हिंदू धर्म को इसलिए छोड़ा क्योंकि उसे लगा कि उसमें एक ही शादी की इजाजत है, जबकि उसके चाचा ने दूसरी शादी कर ली थी. वहीं उसे यह समझाया गया कि इस्लाम में बहुविवाह पहले से स्पष्ट होता है. हालांकि काउंसलरों ने उसे समझाया कि उसकी छोटी बहन की सोच अपराध की ओर जा रही है और उसे रोका जाना जरूरी है.
इस मामले में पुलिस ने अब तक धर्मांतरण गिरोह से जुड़े 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल दोनों बहनों की मानसिक स्थिति को देखते हुए उनकी सघन काउंसलिंग की जा रही है. यह मामला एक गंभीर संकेत है कि कैसे ऑनलाइन गेमिंग, पारिवारिक असंतोष और कट्टरपंथी गिरोहों की चालबाजियों से युवा बहक सकते हैं.