पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के बेटे आक़िल अख्तर की मौत अब एक रहस्य बन गई है। पंचकूला में हुई यह घटना पहले आत्महत्या मानी जा रही थी, लेकिन एक वीडियो सामने आने के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो में आक़िल ने अपने परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब SIT यह जानने में जुटी है कि यह महज पारिवारिक तनाव था या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा।
घटना जिसने सबकुछ बदल दिया
16 अक्टूबर को पंचकूला सेक्टर-4 स्थित आवास में 35 वर्षीय अधिवक्ता आक़िल अख्तर मृत पाए गए। परिवार ने दरवाजा तोड़कर देखा तो वे फर्श पर गिरे थे। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या लग रही थी, लेकिन कुछ दिनों बाद सामने आया एक वीडियो सब कुछ बदल गया।
वीडियो में लगाए सनसनीखेज आरोप
वीडियो में आक़िल ने अपने पिता मोहम्मद मुस्तफा, मां रजिया सुल्ताना, पत्नी और बहन पर मानसिक उत्पीड़न और साजिश के आरोप लगाए। उसने कहा कि परिवार उसे “पागल साबित करने” की कोशिश कर रहा है और संभव है कि उसे किसी झूठे मामले में फंसाया जाए या जान से मार दिया जाए। इस बयान ने पुलिस को FIR दर्ज करने और SIT बनाने पर मजबूर कर दिया।
परिवार का बयान: “राजनीतिक साजिश का हिस्सा”
पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना ने कहा कि कुछ लोग उनके निजी शोक को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। उनका कहना है कि आक़िल मानसिक रूप से अस्वस्थ था और उसका इलाज चल रहा था। पूर्व DGP मुस्तफा ने कहा, “FIR का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं। जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।”
SIT की जांच अब किन पहलुओं पर फोकस करेगी
डीसीपी सृष्टि गुप्ता के अनुसार, SIT डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया रिकॉर्ड खंगाल रही है। टीम यह पता लगाएगी कि आक़िल की मौत आत्महत्या थी या हत्या, और वीडियो स्वेच्छा से रिकॉर्ड किया गया था या दबाव में। साथ ही ससुर-बहू के रिश्तों के दावे की भी जांच होगी।
बीमारी या पारिवारिक तनाव?
परिवार का कहना है कि आक़िल साइकोटिक डिसऑर्डर से जूझ रहा था, जबकि शिकायतकर्ता शमशुद्दीन का दावा है कि यह बहाना है। उनका सवाल है—अगर आक़िल बीमार था तो अकेला क्यों छोड़ा गया? अब यह रहस्य SIT की रिपोर्ट से ही साफ होगा।