Punjab Haryana CISF: पंजाब और हरियाणा के बीच बांधों से पानी के बंटवारे को लेकर पुराना विवाद अब सुरक्षा के मुद्दे पर और गहरा गया है. हाल ही में केंद्र सरकार ने भाखड़ा बांध जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तैनाती का फैसला किया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों राज्य जल संसाधनों को लेकर पहले से ही आमने-सामने हैं. पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है. उनका तर्क है कि राज्य पुलिस पिछले 70 वर्षों से इन बांधों की सुरक्षा बखूबी संभाल रही है और CISF की तैनाती से अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा, साथ ही यह राज्य के अधिकारों का हनन भी है.
CISF की तैनाती पर पंजाब सरकार का प्रस्ताव
विधानसभा में प्रस्ताव और बढ़ते तनाव पंजाब सरकार ने अपनी आपत्ति जताते हुए विधानसभा में CISF की तैनाती के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पारित किया है. पंजाब का मानना है कि राज्य पुलिस इन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और केंद्रीय बल की आवश्यकता नहीं है. दूसरी ओर, केंद्र सरकार का तर्क है कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए CISF की तैनाती आवश्यक है.
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आगे क्या होगा इसका समाधान
यह विवाद दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे और संप्रभुता के मुद्दों पर तनाव को और बढ़ा रहा है. आगे क्या? फिलहाल, इस मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है. पंजाब सरकार CISF की तैनाती को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जबकि केंद्र अपने फैसले पर अडिग दिख रहा है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है और क्या दोनों राज्य या केंद्र कोई ऐसा समाधान निकाल पाते हैं जिससे यह मुद्दा सुलझ सके और सुरक्षा तथा जल बंटवारे दोनों पर सहमति बन सके.