धर्मशाला में खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 200 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा आखिरी गेंद पर हुए फैसले की हो रही है। पंजाब 201 या 202 रन तक पहुंच सकती थी, लेकिन अंपायर के एक फैसले ने पूरा मामला बदल दिया। अब इस घटना के बाद नियमों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
कैसे हुई पूरी घटना
पंजाब की पारी की आखिरी गेंद पर विष्णु विनोद ने स्कूप शॉट खेलने की कोशिश की। जसप्रीत बुमराह की गेंद पर वह चूक गए और मुंबई की तरफ से एलबीडब्ल्यू की अपील हुई। अंपायर ने तुरंत उंगली उठा दी। इसी दौरान गेंद लेग साइड की तरफ गई और बल्लेबाज लगभग एक रन पूरा भी कर चुके थे। हालांकि अंपायर के फैसले के बाद गेंद डेड मान ली गई।
डीआरएस ने बदल दिया फैसला
पंजाब किंग्स ने तुरंत डीआरएस लिया और जांच में सामने आया कि गेंद का इम्पैक्ट स्टंप लाइन के बाहर था। इसके बाद अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और विष्णु विनोद को नॉट आउट दिया गया। लेकिन यहां सबसे बड़ा मोड़ आया क्योंकि बल्लेबाज को नॉट आउट मिलने के बावजूद पंजाब को वह रन नहीं मिला जो उन्होंने पूरा कर लिया था।
नियम बना पंजाब का नुकसान
क्रिकेट के नियमों के अनुसार जैसे ही अंपायर किसी बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू आउट देता है, गेंद उसी समय डेड मानी जाती है। बाद में डीआरएस फैसला बदल दे, तब भी उस गेंद पर लिए गए रन नहीं जुड़ते। यानी बल्लेबाज नॉट आउट हो सकता है, लेकिन रन वापस नहीं मिलते। इसी नियम की वजह से पंजाब को सीधे एक रन का नुकसान उठाना पड़ा।
अश्विन ने उठाई बड़ी मांग
इस पूरे मामले के बाद टीम इंडिया के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक गलत फैसले की वजह से पंजाब को एक रन का नुकसान हुआ है और इस नियम में बदलाव होना चाहिए। उनका कहना है कि अगर डीआरएस फैसला बदल सकता है तो रन भी मिलने चाहिए।
इसे भी पढ़ें : 130 की रफ्तार से आया तूफान बना आफत, UP में मचाई तबाही और दिखा मातम, अब Yogi ने दिया ये आदेश !
अब नियम पर उठे सवाल
क्रिकेट में तकनीक आने के बाद फैसलों की सटीकता बढ़ी है, लेकिन ऐसे नियम अभी भी सवालों के घेरे में आते रहते हैं। अगर मुकाबला बेहद करीबी हो और एक रन से फैसला हो जाए तो ऐसी स्थिति टीमों के लिए भारी पड़ सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में इस नियम पर कोई बदलाव होता है या नहीं