Punjab Launches New Schemes: भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब सरकार की विभिन्न योजनाओं से राज्य की महिलाओं और आम लोगों को बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार मुफ्त बिजली, मुफ्त बस यात्रा और 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर जैसी योजनाओं के जरिए लोगों को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार बनने के बाद अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और यह पूरी भर्ती प्रक्रिया बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में सरकारी नौकरी के लिए युवाओं को काफी संघर्ष करना पड़ता था और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आती थीं।
महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा
मुख्यमंत्री ने ‘मांवा-धीयां सत्कार योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना से महिलाओं को सीधा आर्थिक सहारा मिलेगा। इसके तहत सामान्य वर्ग की 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जाएंगे। उनका कहना है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह राशि काफी महत्वपूर्ण साबित होगी और इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।
मुफ्त इलाज की सुविधा
सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक शुरू किए गए हैं। इन क्लीनिकों में आने वाले मरीजों की संख्या 5 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देने की व्यवस्था की गई है। इस योजना में सरकारी और निजी मिलाकर लगभग 900 अस्पतालों को शामिल किया गया है ताकि लोगों को आसानी से इलाज मिल सके।
शिक्षा में सुधार
राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड, सिंगापुर और Indian Institute of Management Ahmedabad जैसे संस्थानों में भेजा जा रहा है। साल 2022 से अब तक 13,765 शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जाएगी।
सड़कों का नवीनीकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 44,920 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 16,209 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पांच वर्षों तक उनके रख-रखाव की व्यवस्था भी शामिल है। इसके अलावा जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी जैसी सुविधाएं भी लागू की गई हैं।