Putins India visit begins: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत पहुंच गए, जहां पालम एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पहुंचकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने गले मिलकर अपनी दोस्ती और साझेदारी की मजबूती का संदेश दिया। पुतिन और पीएम मोदी एक ही गाड़ी में एयरपोर्ट से रवाना हुए, जिसे कूटनीतिक संकेतों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस–यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है, जिस वजह से यह दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खास महत्व रखता है।
महत्वपूर्ण समझौतों की उम्मीद
पुतिन के इस दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इनमें S-400 मिसाइल सिस्टम से जुड़े सौदों और रक्षा तकनीकी सहयोग पर अहम फैसले शामिल हो सकते हैं। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पहले से ही कई परियोजनाओं पर बातचीत कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज शाम राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में एक विशेष प्राइवेट डिनर की मेजबानी करेंगे, जहां अनौपचारिक और रणनीतिक चर्चाएं होने की उम्मीद है।
#WATCH | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिल्ली के पालम टेक्निकल एयरपोर्ट से रवाना होते समय एक ही कार में यात्रा की।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 4, 2025
राष्ट्रपति पुतिन भारत के दो दिन के राजकीय दौरे पर हैं। वे 5 दिसंबर को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वीं भारत-रूस… pic.twitter.com/OYCOp7jav2
रक्षा साझेदारी पर अहम चर्चा
पुतिन के दिल्ली आने से पहले ही भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक शुरू हो चुकी है। इस मीटिंग को शिखर वार्ता का प्रारंभिक और निर्णायक दौर माना जा रहा है, जिसमें रक्षा उत्पादन बढ़ाने, संयुक्त विनिर्माण, सैन्य तकनीक सहयोग, लॉजिस्टिक सपोर्ट और भविष्य के रक्षा कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। दोनों देशों के बीच रक्षा ढांचे का यह समन्वय संकेत देता है कि पुतिन की यात्रा रणनीतिक रूप से बेहद अहम रहने वाली है। शुक्रवार को पुतिन राजघाट जाएंगे और इसके बाद हैदराबाद हाउस में औपचारिक वार्ता होगी, जबकि शाम को राष्ट्रपति भवन में स्टेट बैंक्वेट भी आयोजित होगा।
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दिल्ली में सुरक्षा का सबसे कड़ा कवच
पुतिन की यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी उच्चतम स्तर पर है। NSG कमांडो, स्नाइपर्स, ड्रोन सर्विलांस, जैमर सिस्टम और AI आधारित निगरानी तकनीक के साथ पांच-स्तरीय सुरक्षा कवच तैयार किया गया है। कई स्थानों पर फेशियल रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं, जबकि 40 से अधिक रूसी सुरक्षा अधिकारी दिल्ली पुलिस और NSG टीम के साथ समन्वय कर रहे हैं। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए सरदार पटेल मार्ग, धौला कुआं, इंडिया गेट, राजघाट और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर आवाजाही होने की संभावना है। इस दौरे को भारत–रूस संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जो रक्षा और आर्थिक सहयोग को नई दिशा दे सकता है।