रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बहुचर्चित भारत दौरा आज शाम से शुरू हो रहा है, जो दोनों देशों की 25 साल पुरानी रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगा। यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि यह यूक्रेन युद्ध के बाद पुतिन की पहली भारत यात्रा है। दिल्ली में 5-लेयर सुरक्षा, हाई-टेक प्रोटोकॉल और बड़े रक्षा सौदों की उम्मीद ने इस विज़िट को बेहद अहम बना दिया है। दो दिनों में दोनों देश कई बड़े निर्णयों की तरफ बढ़ेंगे।
पुतिन का आगमन: उड़ता कमांड सेंटर भारत में उतरेगा
रूसी राष्ट्रपति आज शाम IL-96 एयरबोर्न कमांड सेंटर से दिल्ली पहुंचेंगे। आधिकारिक समय 4:30 बजे बताया गया है, जबकि कुछ रिपोर्टों में 6:30 बजे का जिक्र है। आगमन के साथ ही राजधानी में सुरक्षा का सबसे ऊंचा स्तर लागू हो गया है, जिसमें एलीट कमांडो, एंटी-टेरर स्क्वायड और सर्विलांस टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
PM आवास पर डिनर और रणनीतिक चर्चा
दिल्ली पहुंचते ही पुतिन सीधे प्रधानमंत्री आवास जाएंगे, जहां PM नरेंद्र मोदी के साथ उनका प्राइवेट डिनर तय है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की नई खेप, Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट और संभावित S-500 रक्षा सहयोग पर गहरी बातचीत होगी। भारत और रूस के बीच रक्षा तकनीक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
राजघाट पर श्रद्धांजलि और औपचारिक स्वागत
अगली सुबह पुतिन राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद उनका औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित होगा, जहां गार्ड ऑफ ऑनर और उच्च स्तरीय प्रोटोकॉल पूरे किए जाएंगे।
हैदराबाद हाउस में शिखर वार्ता: कई बड़े फैसलों की उम्मीद
दोपहर में होने वाली शिखर वार्ता में दोनों नेता आर्थिक असंतुलन, ऊर्जा सहयोग, रक्षा तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। खासतौर पर भारत-रूस व्यापार में मौजूद भारी गैप (65 अरब डॉलर इंपोर्ट के मुकाबले सिर्फ 5 अरब डॉलर एक्सपोर्ट) को कम करने की रणनीति पर जोर होगा।
विदाई से पहले बड़ा मंच और भव्य बैनक्वेट
शाम को दोनों नेता बिजनेस फोरम में संबोधन करेंगे, जहां टेक्नोलॉजी और निवेश विस्तार पर फोकस होगा। इसके बाद पुतिन के सम्मान में शानदार स्टेट बैनक्वेट आयोजित किया जाएगा। रात करीब 9:30 बजे पुतिन वापस रवाना होंगे। यह दौरा लगभग 28–30 घंटे का रहेगा, लेकिन इसके प्रभाव लंबे समय तक दिखेंगे।