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Putin revealed the secret: चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई "कार डिप्लोमेसी" ने सबका ध्यान खींचा। दोनों नेता पुतिन की AURUS लिमोजिन में एक साथ यात्रा कर रहे थे और इसी दौरान लगभग 45 मिनट तक उनकी गहन चर्चा हुई। खास बात यह रही कि होटल पहुंचने के बाद भी दोनों नेताओं ने करीब 50 मिनट तक कार से बाहर न निकलकर बातचीत जारी रखी। यानी लगभग डेढ़ घंटे तक पीएम मोदी और पुतिन की गुप्त मुलाकात चलती रही, जिसकी जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं थी।
अलास्का वार्ता का जिक्र और रणनीतिक मुद्दे
पत्रकारों ने जब इस गुप्त बातचीत के बारे में पुतिन से सवाल किया, तो उन्होंने खुद खुलासा किया कि उन्होंने पीएम मोदी को हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अलास्का में हुई शांति वार्ता के बारे में विस्तार से बताया। यह बैठक यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी गई थी। रूस के आर्थिक दूत किरिल दिमित्रिएव के मुताबिक, अलास्का सम्मेलन काफी सकारात्मक रहा और दोनों देशों ने भविष्य में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पुतिन और मोदी के बीच हुई इस चर्चा को बेहद गोपनीय माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ऐसे मुद्दे उठे होंगे जो सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।
भारत-रूस संबंधों की गहराई
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। इसके बावजूद भारत और रूस आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO सम्मेलन में पीएम मोदी ने सदस्य देशों के बीच कनेक्टिविटी और व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुतिन दिसंबर में भारत की यात्रा करेंगे और उस दौरान दोनों नेताओं के बीच शिखर वार्ता होगी। माना जा रहा है कि यह मुलाकात भारत-रूस साझेदारी को और गहराई देगी और भविष्य के सहयोग का नया रोडमैप तय करेगी।