पीवी सिंधु ने मुकाबले का पहला गेम 21-16 से जीतकर बेहतरीन शुरुआत की। दूसरे गेम में भी उन्होंने शानदार खेल दिखाया और 20-16 की बढ़त बना ली। लेकिन जीत से सिर्फ एक अंक दूर पहुंचने के बावजूद वह मैच खत्म नहीं कर सकीं।
चार मैच पॉइंट गंवाना पड़ा भारी
दूसरे गेम में सिंधु के पास चार मैच पॉइंट थे, लेकिन चेन युफेई ने लगातार वापसी करते हुए सभी मैच पॉइंट बचा लिए। इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने दूसरा गेम 22-20 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
निर्णायक गेम में चेन युफेई की वापसी
तीसरे गेम में भी सिंधु ने संघर्ष जारी रखा और ब्रेक तक 11-8 की बढ़त बनाई। हालांकि इसके बाद चेन युफेई ने लगातार अंक जुटाए और दबाव में बेहतर खेल दिखाते हुए 21-18 से गेम और मैच अपने नाम कर लिया।
जापान ओपन का लिया बदला
यह मुकाबला पिछले सप्ताह खेले गए जापान ओपन सेमीफाइनल का रीमैच भी था। उस मुकाबले में चेन युफेई चोट के कारण मैच पूरा नहीं खेल सकी थीं और सिंधु फाइनल में पहुंची थीं। इस बार चीनी खिलाड़ी ने जीत दर्ज कर पिछली हार का हिसाब बराबर कर लिया।
पूर्व कोच ने की सिंधु की तारीफ
पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार ने इस मुकाबले को हाल के वर्षों के बेहतरीन मैचों में से एक बताया। उनके अनुसार दोनों खिलाड़ियों ने शानदार रैलियां, मजबूत डिफेंस और बेहतरीन रणनीति दिखाई। उन्होंने कहा कि अगर दूसरे गेम में थोड़ा साथ मिलता, तो नतीजा अलग हो सकता था।
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हार के बावजूद मिला सकारात्मक संकेत
हालांकि चीन ओपन में सिंधु का सफर यहीं खत्म हो गया, लेकिन उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि वह फिर से दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखती हैं। जापान ओपन के खिताब के बाद चीन ओपन में भी उनका प्रदर्शन आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।