अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर का कतर सरकार ने भी स्वागत किया और इसे शांति, बातचीत और क्षेत्रीय स्थिरता की ओर बढ़ता कदम बताया है। कतर सरकार ने अमेरिका और ईरान के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दोनों देशों की ओर से हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया है। इस समझौते में सैन्य कार्रवाई रोकने और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही की आजादी सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
आर्थिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी
कतर विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा, ''कतर का कहना है कि यह कदम इस बात की पुष्टि करता है कि दोनों देश अपने मतभेदों को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, इससे क्षेत्र और पूरी दुनिया में लंबे समय तक शांति और आर्थिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
प्रयासों के परिणामस्वरूप यह समझौता हुआ
कतर के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान, क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय पक्षों के प्रयासों की भी सराहना की है, जिन्होंने तनाव कम करने और दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को दूर करने में मदद की। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप यह समझौता हुआ।
बातचीत के अगले चरण के लिए एक मजबूत आधार
मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के अगले चरण के लिए एक मजबूत आधार है। उसने सभी पक्षों से सकारात्मक सोच बनाए रखने, बातचीत में सहयोग करने और मिलकर काम करने की अपील की, ताकि इस प्रक्रिया से स्थायी और व्यापक समाधान निकल सके।
सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा
कतर ने दोहराया कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। कतर ने कहा कि बातचीत, शांतिपूर्ण तरीकों, अंतरराष्ट्रीय कानून और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों के आधार पर समस्याओं का समाधान निकालना जरूरी है। इससे सहयोग, विकास और समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे और क्षेत्र तथा दुनिया के लोगों के साझा हित पूरे होंगे।