मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा दी गई एक्सपायरी डेट की कफ सिरप पीने से छह महीने के मासूम बच्चे की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर क्लीनिक को तुरंत सील कर दिया। यह मामला प्रदेश में लगातार सामने आ रहे झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही और अवैध क्लीनिकों पर सवाल खड़े करता है।
सिरोंज में चल रहा था झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक
विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में अजीज उद्दीन डेल्ही नामक झोलाछाप डॉक्टर पिछले कई दिनों से अपना क्लीनिक चला रहा था। बताया जा रहा है कि वह बिना मेडिकल डिग्री के इलाज करता था और लोगों को एलोपैथिक दवाइयाँ देता था। इसी दौरान उसने छह महीने के एक बच्चे को कफ सिरप दी, जो कि एक्सपायरी डेट की निकली।
एक्सपायरी सिरप पीते ही बिगड़ी बच्चे की तबीयत
परिजनों के अनुसार सिरप देने के कुछ ही समय बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन बच्चे को अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में मातम पसर गया और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही BMO की टीम, पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर छापा मारा।
छापे के दौरान—
बड़ी संख्या में एक्सपायरी एलोपैथिक दवाइयाँ
बिना लाइसेंस के ड्रिप और इंजेक्शन
अनधिकृत मेडिकल उपकरण
मिले।
प्रशासन ने तुरंत क्लीनिक को सील कर दिया और आरोपी अजीज उद्दीन को पूछताछ के लिए थाने बुलाया।
झोलाछाप डॉक्टरों पर फिर उठा सवाल
यह घटना प्रदेश में बढ़ते नकली डॉक्टरों की समस्या को उजागर करती है। बिना योग्यता के इलाज करने वाले ऐसे लोग लोगों की जान के लिए ख़तरा बनते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे अवैध क्लीनिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।