दिल्ली में हुई QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और वैश्विक समुद्री सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा। बैठक में होर्मुज स्ट्रेट को बिना रुकावट खोलने और समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया गया। साझा बयान में सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर बनी सहमति ने साफ संकेत दिया कि दुनिया अब समुद्री मार्गों में किसी भी बाधा को लेकर गंभीर हो चुकी है।
होर्मुज स्ट्रेट पर केंद्रित रही चर्चा
QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इस समुद्री मार्ग को वैश्विक तेल और व्यापार सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए। इससे साफ संकेत मिला कि समुद्री व्यापार में किसी भी तरह की रुकावट को लेकर सदस्य देश गंभीर हैं।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बताया बेहद अहम
बैठक के बाद जारी साझा बयान में कहा गया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पूरी दुनिया के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। QUAD देशों ने माना कि इस क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग बनाए रखना जरूरी है। चारों देशों ने समुद्री लोकतंत्र और आपसी साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई।
सप्लाई चेन और ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
बैठक में वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर को लेकर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्रियों ने कहा कि दुनिया को मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई नेटवर्क की जरूरत है। इसके साथ ही ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। QUAD देशों ने प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने और आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता देने की बात कही।
समुद्री सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग
साझा बयान में कहा गया कि समुद्री निगरानी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, पनडुब्बी केबल, ट्रेनिंग और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ाया जाएगा। सदस्य देशों ने समुद्री क्षेत्र में तकनीकी साझेदारी और सुरक्षा नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा की।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि QUAD देशों की नीति आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। साथ ही वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।