नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के चिल्ला गांव निवासी अजय चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है। 24 सितंबर से लापता अजय का शव अफकॉन रोड स्थित गाजीपुर सब्जी मंडी के पास नाले से बरामद हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने एलबीएस अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरना शुरू कर दिया।
परिजनों के मुताबिक अजय 24 सितंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। परिवार ने नोएडा से लेकर दिल्ली तक उनकी तलाश की और गुमशुदगी की सूचना भी दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि अजय का शव कथित तौर पर कई दिन पहले ही एलबीएस अस्पताल की मोर्चरी में पहुंच गया था, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई।
अजय चौधरी चिल्ला गांव में बॉडीबिल्डर के रूप में भी पहचान रखते थे। बताया गया है कि वह बाउंसर की नौकरी करते थे और नोएडा में काम कर पत्नी व दो बच्चों की जिम्मेदारी संभालते थे। उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में शोक का माहौल है।
अजय की मौत किन परिस्थितियों में हुई, वह नाले तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत का वास्तविक कारण क्या है, इन सवालों का जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों का यह भी कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।