Rabi Season 1082 Crore Fund : रबी सीजन की शुरुआत से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 राज्यों के लिए कुल 1082 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है। इस राशि का उद्देश्य रबी फसलों की तैयारी को मजबूत करना और किसानों को समय पर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
10 राज्यों को मिला फंड
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत यह राशि विभिन्न राज्यों को आवंटित की गई है। पश्चिम बंगाल को सबसे अधिक 290 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा हरियाणा को 198 करोड़, छत्तीसगढ़ को 181 करोड़ और अरुणाचल प्रदेश को 154 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बिहार को 114 करोड़ और कर्नाटक को 104 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। वहीं मिजोरम, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और पंजाब को भी इस योजना के तहत आर्थिक मदद प्रदान की गई है।
बीज, खाद और सिंचाई पर रहेगा फोकस
सरकार की ओर से जारी यह फंड बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। रबी सीजन में किसानों को समय पर कृषि सामग्री मिल सके, इसके लिए राज्यों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे गेहूं, चना, मसूर और अन्य रबी फसलों की बुवाई बेहतर तरीके से हो सकेगी।
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दलहन उत्पादन बढ़ाने की रणनीति
इस बार सरकार ने दलहन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। कृषि विभाग चाहता है कि धान की कटाई के बाद खेत खाली न छोड़कर किसान तुअर, उड़द और मसूर जैसी फसलों की खेती करें। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। सरकार का मानना है कि दलहन उत्पादन बढ़ने से देश की खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर
किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि संतुलित मात्रा में खाद और उर्वरक डालने से फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और खेती की लागत भी नियंत्रित रहती है। साथ ही खेतों की उपजाऊ क्षमता लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे किसानों को स्थायी लाभ मिल सकता है।
नकली खाद और बीज बेचने वालों पर सख्ती
सरकार ने किसानों को नकली खाद, घटिया बीज और खराब कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फोर्स टैगिंग जैसी शिकायतों पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। किसानों को कृषि सामग्री खरीदते समय बिल लेने और उत्पाद की पूरी जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।