Radhika Yadav murder case: शहर की एक अदालत ने शनिवार को दीपक यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिस पर सेक्टर 57 स्थित अपने घर में अपनी बेटी राधिका यादव की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है. इस बीच, मामले के जांचकर्ताओं ने 25 वर्षीय राधिका की मां मंजू यादव को क्लीन चिट देते हुए कहा कि उन्हें न तो दीपक की उनकी बेटी की हत्या की कथित योजना के बारे में पता था और न ही उन्होंने गोलीबारी देखी थी.
51 वर्षीय बिल्डर दीपक को गुरुवार सुबह उनकी बेटी, जो एक टेनिस खिलाड़ी थी और एक अकादमी चलाती थी, की हत्या के तुरंत बाद उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया. उसके पास से उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर भी जब्त कर ली गई है, जिससे उसने कथित तौर पर राधिका की हत्या की थी. राधिका की पीठ पर चार गोलियों के निशान पाए गए थे और पोस्टमार्टम के दौरान छर्रे निकाल दिए गए थे. पुलिस ने पूछताछ के लिए उसकी दो दिन की रिमांड मांगी थी. हालाँकि, अदालत ने शुक्रवार को केवल एक दिन की रिमांड दी थी.
गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने शनिवार को बताया कि राधिका की हत्या में उसकी माँ की संलिप्तता साबित करने वाला कोई भी सबूत अभी तक सामने नहीं आया है. उन्होंने कहा, "उन्हें इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि दीपक उनकी बेटी की हत्या करने वाला है." उन्होंने आगे कहा, "शुरुआती संदेह था कि वह भी हत्या में शामिल रही होंगी, लेकिन उनके ख़िलाफ़ कोई प्रतिकूल सबूत नहीं मिला. जाँच से पता चला कि दीपक ने ही राधिका की हत्या में अकेले ही हाथ बँटाया था.
इस बीच, जांचकर्ताओं ने बताया कि पुलिस हिरासत में अपने रिश्तेदारों से मिलने के बाद दीपक शुक्रवार को पहली बार रो पड़ा और उसने उनसे आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि उसकी बेटी की हत्या के लिए उसे फांसी दी जाए.
इस बीच, दीपक से पूछताछ कर रहे पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उनके सवालों के जवाब दीपक ने बहुत कम दिए. एक जाँचकर्ता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "उसने बहुत कम जानकारी दी है. शायद वह सदमे या पछतावे की हालत में है...". पुलिस के अनुसार, दीपक ने पुलिस को यह भी बताया कि उसे शक था कि "लोग उसके बारे में बातें कर रहे थे कि वह अपनी बेटी की कमाई पर गुज़ारा कर रहा है", जिससे वह "अपमानित" महसूस कर रहा था.
पुलिस के अनुसार, दीपक ने दावा किया कि इस सामाजिक आलोचना के कारण वह पिछले 15 दिनों से अवसाद से जूझ रहा था. अपने कबूलनामे में, उसने कहा कि वह अब और अपमान सहन नहीं कर सकता जिसने उसके "गौरव" को ठेस पहुँचाई है, जैसा कि एचटी द्वारा प्राप्त एफआईआर में उल्लेख किया गया है. पुलिस ने बताया कि दीपक ने कथित तौर पर राधिका पर अपनी टेनिस अकादमी बंद करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था, जिसके कारण उनके घर में तनाव और बहस हुई और फिर हत्या कर दी गई.
पुलिस ने बताया कि दीपक ने कथित तौर पर राज्य स्तरीय टेनिस खिलाड़ी राधिका को गुरुवार को सुशांत लोक-2 के ब्लॉक-जी स्थित अपने तीन मंजिला घर की रसोई में नाश्ता बनाते समय पीठ में चार गोलियां मारी. पीआरओ कुमार ने कहा, "पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने हत्या की योजना बनाई थी." उन्होंने आगे कहा, "वह आमतौर पर सुबह खुद के लिए दूध खरीदता था, लेकिन गुरुवार को उसने अपने बेटे को दूध खरीदने के लिए कहा. राधिका के साथ अकेले में, उसने नाश्ता बनाते समय उसे चार गोलियां मार दीं.
पुलिस ने कहा कि वे परिवार के सदस्यों और अन्य परिचितों से फिर से पूछताछ करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि बारूद के अवशेष के नमूने और अन्य फोरेंसिक रिपोर्ट भी एकत्र की जाएंगी, जिसके आधार पर पुलिस दीपक के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करेगी.
राधिका एक राज्य स्तरीय एथलीट थीं, जिन्होंने नवंबर 2024 में अपने करियर की सर्वोच्च आईटीएफ युगल रैंकिंग 113 पर पहुँची थी और महिला युगल में हरियाणा में पाँचवें स्थान पर थीं. उन्होंने इसी साल मार्च में एक लोकप्रिय टेनिस अकादमी खोली और सोशल मीडिया पर भी खूब लोकप्रिय रहीं.
स्कॉटिश हाई इंटरनेशनल स्कूल से स्नातक, उन्होंने 2018 में वाणिज्य में बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की और स्कूल के शुरुआती दिनों में ही टेनिस खेलना शुरू कर दिया था. हाल ही में उन्हें कंधे में चोट लगी थी और वे फिजियोथेरेपी करवा रही थीं, लेकिन इससे उन्हें अपनी अकादमी चलाने से कोई रोक नहीं पाई.