ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों को लेकर पाकिस्तान की ओर से किए गए दावों पर अब भारत में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। बीजेपी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पुराने सवाल का जिक्र करते हुए उन पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि भारतीय वायुसेना से जुड़े एक मेंटिनेंस दस्तावेज से पाकिस्तान का दावा गलत साबित होता है। हालांकि इस दावे और दस्तावेज की पूरी आधिकारिक पुष्टि सामने आना अभी बाकी है।
BJP ने राहुल गांधी से मांगी माफी
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। उनका आरोप है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राहुल गांधी ने राफेल विमानों के नुकसान को लेकर सवाल उठाया था। बीजेपी ने इसे पाकिस्तान के दावे को आगे बढ़ाने जैसा बताया। पार्टी ने कांग्रेस के नेताओं के पुराने बयानों और राफेल पर हुई राजनीतिक टिप्पणियों को भी मुद्दा बनाया।
IAF दस्तावेज को लेकर क्या दावा
बीजेपी के अनुसार भारतीय वायुसेना के मेंटिनेंस ऑर्डर से संकेत मिलता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का कोई राफेल विमान नहीं गिरा। इसी आधार पर पार्टी पाकिस्तान के दावों को झूठा बता रही है। लेकिन रक्षा मामलों में किसी दस्तावेज का संदर्भ सामने आने के बाद भी अंतिम तस्वीर आधिकारिक बयान से ही साफ होती है। वायुसेना या रक्षा मंत्रालय की विस्तृत प्रतिक्रिया इस पूरे विवाद में सबसे अहम मानी जाएगी।
राहुल के पुराने सवाल पर विवाद
राहुल गांधी ने पहले राफेल विमानों को लेकर सवाल उठाए थे। बीजेपी अब उसी बयान को लेकर उन पर हमला कर रही है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष को सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अधिक सावधानी से बोलना चाहिए। दूसरी तरफ कांग्रेस का पक्ष यह हो सकता है कि विपक्ष का काम सरकार से जवाब मांगना है। इसी वजह से राफेल का मुद्दा फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
आरोपों और तथ्यों में फर्क जरूरी
पाकिस्तान की ओर से भारतीय विमानों को नुकसान पहुंचाने के दावे पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में दोनों देशों की तरफ से अलग-अलग दावे किए जाते हैं। इसलिए किसी भी पक्ष के बयान को अंतिम सच मानने से पहले आधिकारिक रिकॉर्ड और स्वतंत्र पुष्टि जरूरी होती है। रक्षा मामलों में अधूरी जानकारी के आधार पर राजनीतिक बयानबाजी कई बार भ्रम भी पैदा कर सकती है।
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आगे क्या होगा बड़ा सवाल
अब नजर इस बात पर रहेगी कि भारतीय वायुसेना या रक्षा मंत्रालय इस मामले में कोई विस्तृत स्पष्टीकरण देता है या नहीं। अगर आधिकारिक तौर पर साफ हो जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई राफेल नहीं गिरा था तो बीजेपी का हमला और तेज हो सकता है। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार से दस्तावेज और जवाब मांग सकती है। राफेल अब सिर्फ सैन्य ताकत का नहीं बल्कि राजनीतिक टकराव का भी बड़ा मुद्दा बन गया है।