Raghav Chadha BJP Role : बीजेपी सांसद राघव चड्ढा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शनिवार को हुई मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। चड्ढा ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे यादगार सुबह बताया और प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत को ज्ञानवर्धक बताया। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका पूरा विवरण सामने नहीं आया है। हालांकि, पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।
पंजाब को लेकर बढ़ा कयास
राघव चड्ढा के पास पंजाब की राजनीति का लंबा अनुभव है और वह राज्य से राज्यसभा सांसद भी हैं। ऐसे में उनकी प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी उन्हें पंजाब में कोई अहम राजनीतिक जिम्मेदारी दे सकती है। मीडिया रिपोर्टों में भी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चड्ढा की राज्य में सक्रिय भूमिका की संभावना जताई गई है। हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी किसी नई जिम्मेदारी या पद को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
AAP से BJP तक का सफर
राघव चड्ढा इस साल AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले उन राज्यसभा सांसदों में शामिल रहे, जिनके पार्टी बदलने से पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। बीजेपी में आने के बाद से पंजाब को लेकर उनकी भूमिका पर लगातार नजर बनी हुई है। अब प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। खासतौर पर ऐसे समय में जब बीजेपी राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर रही है।
शहरी वोटों पर BJP की नजर
पंजाब में बीजेपी के लिए शहरी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करना अहम माना जा रहा है। राघव चड्ढा की शहरी राजनीतिक छवि और पंजाब के मुद्दों पर उनकी पकड़ को पार्टी चुनावी रणनीति में इस्तेमाल कर सकती है। अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे शहरों में सक्रिय भूमिका मिलने की संभावनाओं को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, यह फिलहाल राजनीतिक अटकल है और किसी औपचारिक जिम्मेदारी की घोषणा नहीं हुई है।
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बादल से मुलाकात ने बढ़ाया सस्पेंस
चड्ढा की मोदी से मुलाकात से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल से भी मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद SAD और BJP के पुराने रिश्तों को लेकर भी चर्चाएं तेज हुईं। हालांकि, दोनों दलों की ओर से गठबंधन की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में लगातार दो दिनों में पंजाब के दो अहम राजनीतिक चेहरों से प्रधानमंत्री की मुलाकात ने राज्य की चुनावी राजनीति को लेकर अटकलों का बाजार जरूर गर्म कर दिया है।