राजा रघुवंशी हत्याकांड में गुरुवार को फिर से अहम कानूनी प्रक्रिया हुई। मृतक राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने लगातार दूसरे दिन शिलांग की विशेष कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दिया। विपिन ने अदालत के सामने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को स्पष्ट रूप से पहचानते हुए अपनी गवाही दर्ज कराई। सभी आरोपी सुरक्षा कारणों से अलग-अलग जेलों में बंद हैं और पूरे मामले की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही की जा रही है। आज शुक्रवार को बचाव पक्ष विपिन से क्रॉस एग्ज़ाम करेगा, जिसके बाद कोर्ट उनके बयान की विश्वसनीयता पर अपना दृष्टिकोण तय करेगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए सभी पांच आरोपी
गुरुवार की सुनवाई में मामले के पांचों आरोपियों—सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, कशिश कुशवाह, अंकित रघुवंशी और एक अन्य आरोपी—को विभिन्न जेलों से वीडियो लिंक के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने प्रत्येक आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि करते हुए कार्यवाही आगे बढ़ाई। विपिन रघुवंशी ने अपने बयान में हत्या से पहले और बाद की परिस्थितियों का विस्तार से वर्णन किया।
आज होगा बचाव पक्ष का क्रॉस एग्ज़ाम
आज कोर्ट में बचाव पक्ष के वकील विपिन से सवाल-जवाब करेंगे। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्रॉस एग्ज़ाम गवाही की मजबूती तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अदालत क्रॉस एग्ज़ाम के बाद या तो आगे की तारीख दे सकती है या अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
मई 2025 में लापता हुए थे राजा रघुवंशी
राजा रघुवंशी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से विवाह के बाद हनीमून के लिए मेघालय गए थे। 23 मई को वे अचानक लापता हो गए। लगभग दस दिन बाद, 2 जून को उनका क्षत-विक्षत शव सोहरा क्षेत्र की एक गहरी खाई में मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर हत्या की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया।
सुरक्षा कारणों से कोर्ट नहीं लाए जा रहे आरोपी
मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए सभी आरोपी शारीरिक रूप से कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किए जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि पूरी सुनवाई डिजिटल माध्यम से ही जारी रहेगी।