नई दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप पहुंचाया। दोनों नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास करीब 9 घंटे तक धरना दिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन खत्म कराने की कार्रवाई की और उन्हें हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन केंद्र सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौके पर मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।
कार्रवाई का विरोध करते नजर आए
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन लंबा खिंचने के बाद पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस वाहन से किंग्सवे कैंप ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते नजर आए।
प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की थी। राहुल और प्रियंका को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं को जबरन हिरासत में लिया गया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश बताया। वहीं, पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य प्रदर्शन को नियंत्रित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया।
सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को किंग्सवे कैंप ले जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी रही। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा और वे संबंधित मुद्दों को राजनीतिक तथा लोकतांत्रिक मंचों पर उठाते रहेंगे।
इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच टकराव देखने को मिला है। राहुल-प्रियंका की हिरासत को लेकर कांग्रेस आने वाले दिनों में सरकार पर और आक्रामक रुख अपना सकती है।