
Rahul Gandhi admits: राजस्थान के बांसवाड़ा में आयोजित एक जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ओबीसी समाज के साथ न्याय न कर पाने को लेकर खुद की गलती मानी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारें ओबीसी वर्ग को उनका हक देने में असफल रही हैं. राहुल गांधी ने इस मौके पर 90 साल के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आजादी के बाद से अब तक नौकरशाही और व्यवस्था में ओबीसी वर्ग की भागीदारी बेहद कम रही है.
ओबीसी को हक दिलाने की बात
राहुल गांधी ने कहा कि सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जातीय जनगणना हो और ओबीसी समाज की सही संख्या सामने आए. उन्होंने कहा कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है तो वह देशभर में जातिगत जनगणना कराएंगे, जिससे यह पता चल सके कि ओबीसी, एससी, एसटी और आदिवासी समाज की सही स्थिति क्या है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक ओबीसी होने का दावा करने वाले पीएम मोदी खुद कभी ओबीसी समाज की संख्या और हक की बात नहीं करते.
सत्ता में भागीदारी को लेकर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के बड़े पदों पर अभी तक ऊंची जातियों का वर्चस्व रहा है और ओबीसी समाज को बराबर का हिस्सा नहीं मिला है. उन्होंने दावा किया कि 50 साल में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के केवल 7 सचिव हुए हैं, जो देश की 90 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए बदलाव की जरूरत पर जोर दिया.