Rahul Gandhi Attacks government: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने छात्रों और प्रभावित परिवारों से संवाद करते हुए कहा कि बीते वर्षों में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह केवल परीक्षा व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत और विश्वास से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
पेपर लीक को लेकर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में देश में अनेक पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिनसे करोड़ों छात्रों पर असर पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में अब तक किसी भी दोषी को प्रभावी सजा नहीं मिली। उनके अनुसार, पेपर लीक की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं और इससे मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल प्रभावित होता है।
शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में कई स्तरों पर खामियां हैं, जिनके कारण ईमानदारी से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि छात्रों को समान अवसर और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिलना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।
छात्रों से संवाद कर सुनी समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को सुना। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने छात्रों को अपनी बात खुलकर रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे मेहनत करने वाले छात्रों का विश्वास शिक्षा प्रणाली में बना रहे।