लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब के बरनाला में आयोजित किसान महा चौपाल से अपनी ही पार्टी के नेताओं और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार दोनों को कड़ा संदेश दिया। चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को साफ शब्दों में टीम वर्क का मंत्र दिया, तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसानों और छोटे उद्योगों के मुद्दे पर गंभीर आरोप भी लगाए।
कांग्रेस नेताओं को खुला संदेश: “पार्टी से बड़ा कोई नहीं”
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि जीत किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास से मिलती है। उन्होंने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा, “टीम के सदस्य बनिए, वरना रिजर्व में बैठा दिए जाएंगे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, पार्टी से बड़ा कोई नहीं है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का जिक्र करते हुए अनुशासन और एकजुटता पर जोर दिया।
किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं जो किसानों के हितों के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि कृषि क्षेत्र के दरवाजे खोलने से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के किसान प्रभावित होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस फैसले को चार महीनों तक टाला गया, उसे आखिर 15 मिनट में क्यों लागू किया गया?
अमेरिका और व्यापार समझौते पर गंभीर सवाल
राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ संभावित व्यापारिक समझौते को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि किसी दबाव में आकर प्रधानमंत्री ने देश के हितों के खिलाफ निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों, लघु एवं मध्यम उद्योगों और देश की आर्थिक संरचना को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने उद्योगपति गौतम अडानी और कारोबारी अनिल अंबानी का नाम लेते हुए वित्तीय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
चीन मुद्दा और सेना प्रमुख की किताब का जिक्र
अपने भाषण में राहुल गांधी ने चीन सीमा विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि फायरिंग का आदेश केवल प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण क्षणों में निर्णय लेने में देरी हुई, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रश्न खड़े होते हैं।