दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद इसका असर मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में भी देखने को मिला। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में धरना देकर छात्रों से जुड़े मुद्दों, नीट मामले, यूसीसी विधेयक और ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर छात्रों को 'कीड़ा' कहने का आरोप लगाया, जिससे सियासी विवाद और गहरा गया।
राहुल गांधी की हिरासत के बाद विधानसभा परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन
दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का असर मध्य प्रदेश विधानसभा तक पहुंचा। मानसून सत्र के दूसरे दिन कार्यवाही के बाद कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने नीट मामले, छात्रों के प्रदर्शन, यूसीसी विधेयक और ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण जैसे मुद्दों को भी उठाया। बताया गया कि धरना देर रात तक जारी रहा।
उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
धरने के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि छात्रों के मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई घटनाओं पर सदन में चर्चा की मांग को स्वीकार नहीं किया गया। सिंघार ने कहा कि संबंधित मामलों में सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कैलाश विजयवर्गीय पर 'कीड़ा' कहने का आरोप
धरना स्थल पर पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को 'कीड़ा' कहा। इस आरोप के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। हालांकि, इस इनपुट में मंत्री की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है।
यूसीसी और ओबीसी आरक्षण को लेकर भी हुआ विरोध
विपक्ष ने यूसीसी विधेयक को पहले प्रवर समिति के पास भेजने और ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग भी उठाई। विधानसभा में इन मुद्दों को लेकर विपक्ष ने लगातार नारेबाजी की। वहीं आरिफ मसूद ने संशोधन प्रस्ताव रखते हुए अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों का हवाला दिया, लेकिन अध्यक्ष ने कानूनी आधार पर प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।
सदन से लेकर सियासत तक गरमाए मुद्दे
विधानसभा के भीतर और बाहर चले विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षा, रोजगार, किसानों की समस्याएं, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दे भी उठाए गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जबकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर इस इनपुट में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। अब इन मुद्दों के आगामी सत्रों में भी गूंजने की संभावना जताई जा रही है।