
रायबरेली में 2 अक्टूबर को दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. वहीं शुक्रवार को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी फतेहपुर पहुंचे. मृतक हरिओम के पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए राहुल उनके आवास पर पहुंचे. बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार की ओर से राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार कर दिया गया था.इतना ही नहीं राहुल गांधी के फतेपुर पहुंचने से पहले ही वहां पर पोस्टर चिपका दिए गए, जिनपर लिखा है- दर्द को मत भुनाओ वापस जाओ, गिद्ध बनकर मंडराते हो नफरत फैलाते हो...! हालांकि, राहुल गांधी ने दावा किया है कि परिवार ने उनसे लगभग 30 मिनट तक बाच की और अपना दर्द बयां किया.
ये परिवार केवल न्याय मांग रहा- राहुल
दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि "कुछ दिन पहले दलित अफसर ने आत्महत्या कर ली थी. मैं वहां गया और आज मैं यहां पर आया हूं. अपराध इस परिवार ने नहीं किया, अपराध इनके खिलाफ किया गया है और लग ऐसा रहा है कि यह लोग अपराधी हैं. इन्हें घर में बंद करके रखा गया है, इन्हें डराया जा रहा है. ये लोग केवल न्याय मांग रहे हैं. हमारे बेटे, हमारे भाई को मारा गया है... उसकी हत्या की गई है. हम केवल न्याय मांग रहे हैं...
इसे भी पढ़ें : Gujarat कैबिनेट में रिवाबा जडेजा को भी मिली जगह, जानें क्या है रिवाबा की आय
सीएम योगी से की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
इसके साथ ही कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि पूरे देश में दलितों के खिलाफ अत्याचार, हत्याएं, बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं, इन्हें न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए. जो अपराधी हैं उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई कीजिए और उनकी रक्षा करने का प्रयास मत कीजिए...(पीड़ित परिवार) मुझ से मिलें, मुझ से ना मिलें यह जरूरी नहीं है बल्कि जरूरी बात यह है कि ये लोग अपराधी नहीं हैं. इन्होंने कोई गलती नहीं की है... अपराधी दूसरे लोग हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. मैंने आज यहां आकर इनसे बातचीत की, इनका दर्द और दुख सुना और कांग्रेस पार्टी और मेरा प्रयास है कि हम जो मदद कर सकते हैं हम करेंगे..."