मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से बिगड़े हालात अब सियासी बहस से आगे जनआंदोलन का रूप लेते दिख रहे हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के बयान के बाद राहुल गांधी के इंदौर दौरे की अटकलें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में 11 जनवरी को कांग्रेस ‘न्याय मार्च’ निकालने जा रही है।
दूषित पानी मामले पर कांग्रेस का आक्रामक रुख
इंदौर में दूषित पानी की शिकायतों और उससे लोगों की तबीयत बिगड़ने के मामलों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहरवासियों को साफ और सुरक्षित पेयजल नहीं मिल पा रहा। पार्टी इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता और जवाबदेही की कमी बता रही है।
राहुल गांधी के इंदौर आने के संकेत
पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संकेत दिए हैं कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जल्द ही इंदौर आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में दूषित पानी से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी राहुल गांधी के कार्यालय को भेज दी गई है। अब उनके दौरे को लेकर अंतिम फैसला राहुल गांधी का कार्यालय करेगा। कांग्रेस मानती है कि इस दौरे से पीड़ित लोगों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी।
“इंदौर की जनता भरोसे की कीमत चुका रही है”
जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर की जनता ने बार-बार भाजपा पर भरोसा जताया—सांसद, नगर निगम और सभी विधायक दिए, लेकिन बदले में जनता को भ्रष्टाचार और अव्यवस्था मिली। उनका कहना है कि दूषित पानी जैसी गंभीर समस्या ने आम लोगों का जीवन संकट में डाल दिया है, फिर भी जिम्मेदारी तय नहीं हो रही।
11 जनवरी को ‘न्याय मार्च’ का ऐलान
कांग्रेस ने साफ किया है कि अगर किसी भी स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी के तहत 11 जनवरी को इंदौर में ‘न्याय मार्च’ निकाला जाएगा। पार्टी ने शहरवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने की अपील की है।
पानी पर हजारों करोड़, फिर भी सवाल
कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। ‘हर घर नल से जल’ जैसे नारों के बावजूद इंदौर में पानी की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि सिर्फ पानी व्यवस्था पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को जहरीला पानी मिल रहा है, जो सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल है।