Big Allegation Against Election Commission: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव समेत कई चुनावों में वोटों में गड़बड़ी हुई और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे मामले की जांच कराने की बात कही। राहुल गांधी ने अपने आरोपों को ‘वोट चोरी’ बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाताओं के वोट की सुरक्षा करना है।
CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने भी कुछ फैसलों और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। राहुल गांधी ने कहा कि कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए और चुनावी प्रक्रिया में वोटों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
एंटी-इनकंबेंसी को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने भारत की राजनीति में सत्ता-विरोधी लहर यानी एंटी-इनकंबेंसी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में लंबे समय से सरकारें बदलती रही हैं, लेकिन हाल के चुनावों में उन्हें कई जगह इसका अलग पैटर्न दिखाई देता है। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके लिए यह सवाल बना हुआ है कि एंटी-इनकंबेंसी का असर कुछ चुनावों में क्यों नहीं दिखाई देता। ये बातें राहुल गांधी ने अपने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों के संदर्भ में कहीं।
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दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर भी चर्चा
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में SIR, मतदाता सूची से नाम हटाने, नए मतदाताओं से जुड़े फॉर्म और मतदाता डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया।
चुनाव आयोग ने मतभेद के दावे को खारिज किया
चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को संस्थागत मतभेद के रूप में पेश किए जाने पर असहमति जताई है। आयोग का कहना है कि फैसले लेने की प्रक्रिया में सुझाव, सवाल और आपत्तियां आना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अंतिम फैसले सभी तीन चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए। ऐसे में राहुल गांधी के आरोप राजनीतिक दावे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने SIR और अपनी निर्णय प्रक्रिया का बचाव किया है। मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस जारी है।