मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi जल्द ही प्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि वे खुद संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे और अलग-अलग स्तर के पदाधिकारियों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरे की शुरुआत उज्जैन और रीवा संभाग से हो सकती है। पार्टी इसे आगामी चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रही है।
उज्जैन और रीवा से शुरू होगी समीक्षा
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी जून महीने में उज्जैन और रीवा संभाग का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वे संगठन सृजन अभियान के तहत हुए कार्यों की समीक्षा करेंगे। जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक बनाए गए संगठनात्मक ढांचे की वास्तविक स्थिति को समझने की कोशिश की जाएगी। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा।
संगठन सृजन अभियान पर रहेगा फोकस
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पिछले साल संगठन सृजन अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद बूथ, पंचायत, वार्ड और मंडलम स्तर तक संगठन को मजबूत करने का काम चल रहा है। अब राहुल गांधी इसी अभियान की प्रगति को परखेंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि जमीन पर संगठन कितना सक्रिय है।
पदाधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब की तैयारी
बताया जा रहा है कि समीक्षा बैठकों में राहुल गांधी किसी भी स्तर के पदाधिकारी से सीधे सवाल पूछ सकते हैं। इतना ही नहीं, सूची में शामिल बूथ या वार्ड कार्यकर्ताओं को मौके पर फोन कर संगठन की गतिविधियों की जानकारी भी ली जा सकती है। पार्टी इसे जवाबदेही तय करने और निष्क्रिय इकाइयों की पहचान की प्रक्रिया के रूप में देख रही है।
जीतू पटवारी लगातार ले रहे फीडबैक
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari लगातार संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि सभी जिलों की रिपोर्ट पर नियमित समीक्षा की जा रही है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि आगामी चुनावों से पहले हर स्तर पर संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाया जाए।
दौरे से बढ़ी राजनीतिक हलचल
राहुल गांधी के संभावित दौरे की खबर के बाद प्रदेश कांग्रेस में सक्रियता बढ़ गई है। नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बैठकों का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि इस दौरे के जरिए पार्टी नेतृत्व जमीनी तैयारी का वास्तविक फीडबैक लेकर आगे की रणनीति तय करेगा।