कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने हाल में संसद में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि राहुल गांधी ही एकमात्र नेता हैं जो "12 साल में इनके सामने झुके नहीं हैं"। उन्होंने कहा कि राहुल सदन में बेझिझक सच बोलते हैं और "सच इनसे पचता नहीं है"। आपके बताए बयान "संसद में पीएम उड़ाते राहुल का मजाक, फिर घर जाकर करते हैं उनकी बातों पर गौर" का सीधा संदर्भ फिलहाल मीडिया रिपोर्ट्स में नहीं मिला। लेकिन इसी तरह का आरोप-प्रत्यारोप संसद में चल रहा है।
क्या हुआ था संसद में
किरेन रिजिजू का हमला: संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में प्रियंका के सामने ही राहुल का मजाक उड़ाया। उन्होंने 2018 में राहुल के पीएम को गले लगाने और आंख मारने की घटना याद दिलाई। रिजिजू बोले - "मैंने ऐसा नेता कभी नहीं देखा जो आकर प्रधानमंत्री को गले लगाए और फिर अपनी सीट पर वापस जाकर साथी पार्टी सांसदों को आंख मारता हो"।
राहुल को रोकने के लिए करोड़ों खर्च किए
प्रियंका का पलटवार: प्रियंका ने उसी सत्र में मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि "एक ही व्यक्ति है इस देश में, जो 12 साल में इनके सामने झुका नहीं है। वो नेता विपक्ष राहुल गांधी हैं"। उन्होंने कहा भाजपा ने राहुल को रोकने के लिए करोड़ों खर्च किए, सोशल मीडिया कैंपेन चलाए, लेकिन राहुल "सच बोलने से पीछे नहीं हटते"।
SIR पर चर्चा में सत्तापक्ष की "धज्जियां उड़ा दीं"
राहुल ने भी कहा कि हमने संसद में 'वंदे मातरम्' और SIR पर चर्चा में सत्तापक्ष की "धज्जियां उड़ा दीं"। उनके मुताबिक अमित शाह सदन में "मानसिक रूप से परेशान थे, बहुत दबाव में थे"। 48 घंटे के अंदर हुए इन घटनाक्रमों से कांग्रेस में नेतृत्व की बहस तेज हुई। पीएम ने राहुल के भाषण का जवाब देने के लिए अमित शाह को आगे किया, जबकि प्रियंका से सीधे मुकाबला किया। इससे चर्चा चली कि प्रियंका पार्टी का राष्ट्रीय चेहरा बन सकती हैं। आप जो बयान बता रहे हैं वो प्रियंका के इसी तेवर का हिस्सा लगता है। संसद में राहुल का मजाक उड़ाने बनाम उनकी बातों की असल अहमियत। क्या आप प्रियंका-राहुल के इस सत्र के पूरे भाषण की डिटेल चाहते हैं या ये जानना है कि पीएम-राहुल की संसद के बाहर क्या बात हुई थी?