लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 10 नवंबर को मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। वे पचमढ़ी में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे। खास बात यह है कि राहुल गांधी इस बार प्रदेश में रात बिताएंगे। उनका यह दौरा संगठन को मज़बूत करने और 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए अहम माना जा रहा है। वहीं, विपक्ष ने उनके दौरे पर तंज कसा है और इसे "औपचारिक यात्रा" बताया है।
पचमढ़ी में होगी रणनीतिक चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी पचमढ़ी में चल रहे जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। यह प्रशिक्षण 2 नवंबर से 11 नवंबर तक चलने वाला है। कांग्रेस संगठन ने इसे भविष्य की राजनीतिक रणनीति तैयार करने का मौका बताया है। राहुल गांधी संगठन को ज़मीनी स्तर पर सक्रिय करने पर जोर देंगे।
कांग्रेस में नए नेतृत्व को दिशा देने का प्रयास
माना जा रहा है कि राहुल गांधी जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं को जनता से जुड़ने, संगठन की मजबूती और बूथ प्रबंधन पर सीधा फीडबैक देंगे। पार्टी का मकसद युवाओं और基层 कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा लाना है। उनके इस दौरे से कांग्रेस की कार्यशैली में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
बीजेपी ने कसा तंज
राहुल गांधी के इस दौरे पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का कहना है कि राहुल गांधी वर्षों से कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं और अब दिखावे के लिए प्रदेश में रात रुकने आ रहे हैं। उन्होंने इसे “राजनीतिक पर्यटन” बताते हुए सवाल उठाया कि राहुल गांधी इतने वर्षों में कभी प्रदेश की जनता के बीच ठहरे क्यों नहीं।
पार्टी में नई उम्मीद या औपचारिक कार्यक्रम?
राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल संगठनात्मक औपचारिकता तक सीमित न रह जाए, इसके लिए पार्टी को ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करनी होगी।